ताजमहल और पर्यावरण को लेकर सरकार की अनदेखी और मनमानी ने जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया बबार्द कर दिया है। ताजमहल से महज 800 मीटर दूर शिल्पग्राम में मल्टीलेवल पार्किंग को चार सप्ताह में ढहाने के सुप्रीम कोर्ट आदेश के आदेश के बाद राज्य सरकार और पर्यटन विभाग में हड़कंप है।
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पार्किंग के काम को पर्यटन विभाग ने पर्यावरण मंजूरी मिले बिना ही शुरू करा दिया था। 2016 में पर्यटन विभाग ने ताज ओरिएंटेशन सेंटर का निर्माण शुरू कराया था, जिसमें सबसे पहले पार्किंग शुरू कराई गई।
पार्किंग परिसर में बाधा बने 11 पेड़ काटने के लिए अनुमति मांगी गई, लेकिन केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यटन विभाग पर मंजूरी लिए बिना ही काम शुरू करने पर 330 पेड़ लगाने का जुर्माना ठोंक दिया।
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सपा सरकार में शुरू हुआ निर्माण
सपा सरकार में ताजगंज प्रोजेक्ट के साथ ही 231.85 करोड़ रुपये की लागत से ताज ओरिएंटेशन सेंटर के निर्माण की मंजूरी दी गई थी। पहली किस्त के 30 करोड़ रुपये जारी हुए तो काम तेजी से चलने लगा।
इस बीच मार्च में भाजपा सरकार आने के बाद मई में पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने ताज ओरिएंटेशन सेंटर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और मुख्य भवन के कंपोनेंट को हटाकर केवल पार्किंग को मंजूरी दी। मई में ही पर्यावरण मंत्रालय की कमेटी ने दौरा किया और तभी से पार्किंग के मामले में पर्यटन विभाग की मुश्किलें बढ़ गईं।
30 गुना पेड़ लगाने का जुर्माना लगा
मई 2017 में केंद्रीय पर्यावरण समिति ने शिल्पग्राम स्थित निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण किया था। पर्यावरण मंजूरी के बिना ही पार्किंग का काम शुरू करने पर कमेटी के सदस्यों ने पर्यटन अधिकारियों को काफी नाराजगी जताई थी और काम तुरंत बंद करने के निर्देश दिए थे।
कमेटी ने पर्यावरण मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पर्यटन विभाग पर 11 पेड़ काटने के एवज में 30 गुना जुर्माना ठोंक दिया। पेड़ काटने पर दस गुना पेड़ रोपने का नियम है, लेकिन शिल्पग्राम में नियमों के उल्लंघन पर खफा कमेटी ने 20 गुना पेड़ और लगाने के निर्देश दिए। इस तरह 11 पेड़ों की जगह 330 पेड़ लगाने को कहा गया था।
बेरीकेडिंग ऊंची कर जारी रखा काम
शिल्पग्राम मल्टीलेवल पार्किंग में मई में निरीक्षण में कमेटी ने काम तुरंत रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन यहां काम जारी रहा। बेरीकेडिंग ऊंची करके चारों ओर दीवारें खड़ी करने और पिलर बनाने का काम चालू रखा गया। अमर उजाला की टीम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पार्किंग को चार सप्ताह में ढहाने का आदेश आने के बाद जब शिल्पग्राम पार्किंग का दौरा किया तो यहां काम चालू पाया गया। सिक्योरिटी कैप और जैकेट पहने कामगार पार्किंग में नजर आए।