सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है, रिहायशी इलाकों में चल रहे कोचिंग संस्थानों को बंद किया जाए। वजह बताई, इनमें होने वाली हलचल से आस-पास रहने वालों लोगों की मुसीबत। इस आदेश की रोशनी में अपने शहर की बात करें तो यहां यह मुसीबत कुछ ज्यादा ही है। कई जगह तो कोचिंग संस्थानों की पूरी कॉलोनियां बन गई हैं। देवनगर कॉलोनी को ही लीजिए...। यहां 80 घर हैं,22 में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। कई जगह यही स्थिति है। कोचिंग सेंटरों के बाहर लड़ाई-झगड़ा तो आम है, कई बार गोलियां तक चल चुकी हैं।
कोचिंग का व्यवसाय मुख्य रूप से दयालबाग, खंदारी, जवाहर नगर, न्यू आगरा, विजय नगर, कमला नगर, ट्रांसयमुना कॉलोनी, शाहगंज, लायर्स कॉलोनी, साकेत कालोनी, अशोक नगर, राजामंडी, आवास विकास कॉलोनी में चल रहा है। एआईपीएमटी, सीपीएमटी, आईएएस, पीसीएस के अलावा इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स के कोचिंग सेंटर चल रहे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक ,रिहायशी क्षेत्र में छोटे-बड़े लगभग 2000 कोचिंग सेंटर हैं। इनमें 200 से लेकर 800 तक छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। सुबह नौ बजे क्लास शुरू होती हैं और रात के नौ बजे तक चलती हैं। इनके विरोध में कई जगह लोग खड़े हो चुके हैं। लेकिन नगर निगम और एडीए ने कार्रवाई नहीं की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह ‘तमाशा’ बंद होने की उम्मीद बंधी है।
देवनगर कॉलोनी में हुई थी फायरिंग
- खंदारी क्षेत्र की गेटबंद कॉलोनी है देवनगर। इसमें करीब 80 मकान हैं और 22 में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। बीते साल यहां छात्रों के बीच झगड़ा भी हुआ, जिसमें फायरिंग भी हुई। विजय नगर कॉलोनी में भी छात्र और क्षेत्रीय लोग भिड़ गए थे।
:: आफत
- कोचिंग सेंटर के आस-पास के घरों के सामने वाहनों की पार्किंग से परेशानी।
- छात्रों के साथ कई बार अराजक तत्व आ जाते हैं, तो खुराफात करते हैं।
- फ्रेशर, फेयरवेल, बर्थ डे पार्टी के देर रात तक जश्न में डीजे का शोर।
- कॉलोनी में बाइकों पर स्टंट, हादसों का खतरा बढ़ जाना।
- रंगबाजी के चलते झगड़ा होना, कई बार गोलियां तक चल जाती हैं।
शुक्रिया सुप्रीम कोर्ट
- देर रात तक झुंड लगाकर छात्र-छात्राएं खड़े रहते हैं। टोकने पर अभद्रता करते हैं। कोर्ट के निर्णय से बड़ी राहत मिलेगी। - रविंद्र अग्रवाल, देव नगर कालोनी
- घरों के सामने छात्र सिगरेट पीते हैं। बच्चों और महिलाओं का निकलना दुश्वार हो जाता है। - विवेक तोमर, देव नगर
- छात्र तेज हार्न बजाते हैं, जहां चाहे वाहन पार्क कर दिया। विरोध करने पर झगड़ने तो तैयार रहते हैं। - अभय प्रताप सिंह, खंदारी
- छात्रों के नाम पर अराजक तत्व आते हैं। खुलेआम में शराब तक पीते हैं। कोचिंग संचालकों से शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं। - मनोज गौतम, महर्षि पुरम
हां, परेशानी तो होती है...
- कोचिंग के बाहर छात्रों पर नियंत्रण रखना मुश्किल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। - प्रशांत सिन्हा, कोचिंग संचालक
- कामर्शियल क्षेत्रों में कोचिंग चलाने से संचालकों का खर्चा बढ़ेगा। ऐसे में फीस भी बढ़ानी होगी। - मुकेश यादव, कोचिंग संचालक
- कुछ छात्र शरारती होते हैं, पार्किंग की भी समस्या रहती है। रिहायशी क्षेत्रों में कोचिंग की पाबंदी सही निर्णय है। - अंकुर काबरा, कोचिंग संचालक
कोचिंग के संबंध में शासन का निर्देश है कि बिना पंजीकरण के कोई कोचिंग संचालित नहीं हो सकती है। घर के अंदर नगर निगम को कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
- इंद्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर आवासीय इलाकों में कोचिंग सेंटरों को खिलाफ अभियान चलाने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार उच्चाधिकारियों को है। वे आदेश करेंगे, कार्रवाई की जाएगी।
- जगदीश यादव, उप सचिव विकास प्राधिकरण