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UP: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की फांसी..शराब के लिए पैसे न देने पर पत्नी-बेटी की हत्या का आरोप, दोबारा होगा ट्रायल

Mon, 07 Apr 2025 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

फांसी की सजा पा चुके आरोपी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया। सजा को रद्द कर दिया। पुन: परीक्षण का सत्र अदालत को आदेश दिया। युवक पर आरोप है कि शराब के लिए पैसे न देने पर पत्नी-बेटी की हत्या कर दी।
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या में फांसी की सजा पाने वाले करहल क्षेत्र के गांव रूपपुर निवासी सोबरन सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी। उच्चतम न्यायालय ने फांसी की सजा सहित सत्र परीक्षण की पूरी प्रक्रिया निरस्त कर केस का पुनः परीक्षण का आदेश सत्र अदालत को दिया है। 
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आदेश है कि एक वर्ष के भीतर परीक्षण प्रक्रिया पूरी कर केस का निस्तारण किया जाए। सुप्रीम कोर्ट से फाइल ट्रांसफर होकर सत्र अदालत पहुंच गई है। एडीजे विशेष एससी-एसटी मीता सिंह की कोर्ट में पुनः परीक्षण भी शुरू हो गया है। नए सिरे से हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप अभियुक्त सोबरन सिंह पर तय हुए हैं। 

 
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मामला 30 जून 2014 का है। सोबरन पर आरोप है कि उसने शराब के लिए पैसे न देने पर पत्नी-बेटी की हत्या कर दी। एक मार्च 2017 को एडीजे प्रथम कोर्ट से सोबरन को फांसी की सजा सुनाई थी। 5 अक्तूबर 2018 को हाईकोर्ट ने भी सजा को बरकरार रखी। बाद में एक एनजीओ की पैरवी पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश की समीक्षा कर अपना फैसला सुनाया। 
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