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सुपोषण के लिए दूध, घी और दाल से सजेगी बच्चों की थाली

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मैनपुरी। बच्चों को कुपोषण से बचाने और सेहतमंद बनाने के लिए अब उनकी थाली पोषणयुक्त आहार से सजेगी। थाली में गेहूं की रोटी से लेकर चावल के साथ ही दाल, दूध और देसी घी भी शामिल होगा। गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी यही आहार मिलेगा। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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शासन की ओर से बच्चों के साथ-साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं की सेहत सुधारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक उनकी सेहत सुधारने के लिए केवल पुष्टाहार का ही वितरण होता था, लेकिन अब उनकी थाली में सभी पोषणयुक्त आहार शामिल होंगे। अब न केवल विभाग की ओर से बच्चों और महिलाओं को गेहूं और चावल मिलेगा बल्कि उन्हें दूध पाउडर, देसी घी और दाल भी दी जाएगी।
इससे उन्हें हर प्रकार का पोषण मिल सकेगा। जिले में 1.05 लाख बच्चों और 35 हजार महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 25 नवंबर से जिले में ये वितरण शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार सेहत सुधारने की इस कवायद में दाल, देसी घी और दूध के वितरण से कुपोषण को हराने में आसानी होगी।
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अलग-अलग मात्रा में मिलेगा राशन व अन्य सामान
अनाज, दूध, घी और दाल के वितरण में मात्रा का निर्धारण चार अलग-अलग श्रेणियों में किया गया है। इसमें सात माह से तीन वर्ष के बच्चों को एक किलो चावल, डेढ़ किलो गेहूं और 750 ग्राम दाल प्रतिमाह और 450 ग्राम देसी घी व 400 ग्राम दूध पाउडर प्रति तीन माह पर दिया जाएगा। वहीं तीन वर्ष से छह वर्ष के बच्चों को एक किलो चावल और डेढ़ किलो गेहूं प्रतिमाह व 400 ग्राम दूध पाउडर प्रति तीन माह पर मिलेगा। धात्री और गर्भवती महिलाओं को एक किलो चावल, दो किलो गेहूं और 750 ग्राम दाल प्रतिमाह व 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर प्रति तीन माह पर मिलेगा। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को डेढ़ किलो चावल, ढाई किलो गेहूं और 500 ग्राम दाल प्रतिमाह व 900 ग्राम देसी घी के साथ 750 ग्राम दूध पाउडर प्रति तीन माह पर मिलेगा।
हाईलाइटर
- 75300 हैं सात माह से तीन वर्ष के बच्चे
- 30 हजार हैं तीन वर्ष से छह वर्ष के बच्चे
- 35 हजार हैं गर्भवती और धात्री महिलाएं
- 2406 हैं अति कुपोषित बच्चे
- 6700 हैं कुपोषित बच्चे
नोट: सात माह से तीन वर्ष और तीन वर्ष से छह वर्ष के बच्चों की संख्या में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चे शामिल हैं।
जल्द ही अनाज, दाल, देसी घी और दूध पाउडर का वितरण शुरू हो जाएगा। इससे बच्चों और महिलाओं की सेहत सुधारने में काफी मदद मिलेगी। हर हाल में पूर्ण वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा। अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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