सुसाइड नोट में अधिकारी को ठहराया जिम्मेदार
सूचना पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच की। कमरे से एक डायरी मिली, जिसमें सुसाइड नोट लिखा था। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि सुसाइड नोट में कंपनी के एक अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है। लिखा है कि अधिकारी अक्सर डांटा करते थे। उत्पीड़न करते थे। इससे वो तनाव में थे। पत्नी और बेटियों को लेकर भावुक करने वाली बातें भी लिखी हैं। जांच की जा रही है। परिजन से तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई होगी।
भाई ने जताई साजिश की आशंका
दोपहर बाद पत्नी, बेटियां और भाई मोहन सिंह नेगी आगरा आ गए। भाई ने कुलबीर की मृत्यु के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की। उनका कहना था कि जंगले में फांसी नहीं लगाई जा सकती। जंगले के पास ही कुर्सी रखी थी। इस पर कुलबीर का एक पैर भी था, जबकि दूसरा जमीन पर लगा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी।
दो साल में दो बार किराये पर रहने आए
मकान मालिक सत्येंद्र ने पुलिस को बताया कि कुलबीर दिल्ली में नौकरी करते थे। दो साल पहले ट्रांसफर होकर आगरा आए थे। उनके मकान में दो कमरे किराये पर लिए थे। मगर, मकान में पानी भरने की वजह से छोड़ दिया था। छह महीने पहले दोबारा आकर रहने लगे। रक्षाबंधन पर पत्नी और बच्चे भी आए थे। त्योहार के बाद चले गए थे। कुलबीर शांत स्वभाव के थे। आसपास के लोगों से कम ही संपर्क रखते थे।