ये मिली बच्चों में परेशानी
- नाक की एलर्जी : छींक आना, नाक बहना, नाक बंद हो जाना।
- त्वचा की एलर्जी : लाल चकत्ते, खुजली, शरीर पर लाल धब्बे।
- फूड एलर्जी : उल्टी-दस्त होना, पेट में दर्द।
- अस्थमा : सांस लेने में परेशानी, छाती में जकड़न, खांसी।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से जल्द होते संक्रमित
इंडियन एलर्जी, अस्थमा एंड एप्लाइड इम्युनोलॉजी सोसाइटी के सदस्य डॉ. वरुण कुमार चौधरी ने बताया कि प्राकृतिक वातावरण से दूरी और अतिरिक्त देखभाल से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। ये बच्चे सामान्य माहौल में रहने के आदी नहीं होते और अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। कुल मरीजों में करीब 12 फीसदी बच्चों में ये दिक्कत मिल रही है। इनमें 90 फीसदी बच्चे उच्च परिवारों के हैं।
बार-बार परेशानी होने पर जांच में मिली बीमारी
आगरा पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएन शर्मा ने बताया कि हाइजीन हाइपोथिसिस के चलते बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं। कई बार उल्टी-दस्त, धूप से एलर्जी के आधार पर इलाज करते हैं। बार-बार दिक्कत होने पर जांच कराने पर एलर्जी मिलती है। पूछताछ में ये अतिरिक्त देखभाल के शिकार मिलते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर सामान्य वातावरण में रहने पर परेशानी शुरू होने लगती है।