सुल्तानगंज पुलिया फ्लाईओवर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फ्लाईओवर के लोकार्पण को अभी पांच दिन बीते हैं मगर इसकी श्री टाकीज से सुल्तानगंज चौराहे की ओर जाने वाली साइड वॉल के पत्थर दरकने लगे हैं। कई पत्थरों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। निर्माणदायी एजेंसी एलएंडटी के अफसरों ने लीपापोती करने के लिए साइड वॉल की दरारों में फेवीकॉल भरा तो वहीं कई जगह सीमेंट से पत्थरों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर सुल्तानगंज पुलिया चौराहे पर बनाए गए फ्लाईओवर का लोकार्पण 20 मई को सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने किया था। इसकी वाटर वर्क्स से सिकंदरा की ओर जाने वाली दूसरी लेन को निर्माणदायी एजेंसी ने 30 मई को यातायात के लिए खोल दिया था। ‘अमर उजाला’ ने फ्लाईओवर के लोकार्पण पर आधे अधूरे पुल पर यातायात शुरू करने संबंधी खबर प्रकाशित की थी। एनएचएआई ने वाहवाही लूटने के लिए मानकों को ताक पर रखकर कराए गए निर्मादायी एजेंसी के कार्यों को भी हरी झंडी दे दी। यही कारण है कि भारी वाहनों का दबाव पड़ते ही फ्लाईओवर की गांधी नगर से लेकर सुल्तानगंज चौराहे तक की साइड वॉल (किनारे लगाई गई चौकोर पत्थरों की दीवार) अभी से जवाब देने लगी है। इसके कई पत्थर चटक कर गिरने लगे हैं। पत्थरों में चटकन देखकर निर्माणदायी एजेंसी एलएंडटी के अधिकारियों ने रविवार की दोपहर को ही साइड वॉल की दरारों को फेवीकॉल जैसे सफेद मसाले से भरना शुरू कर दिया। कई जगह इन चौकोर पत्थरों में इतना गैप आ गया है कि इन्हें मसाले से रिपेयर करना संभव नहीं है। ऐसे में एजेंसी के कर्मचारियों ने इन गैप को सीमेंट से भरने की कोशिश की है। इस संबंध में जब एलएंडटी के अफसरों से पूछा तो उन्होंने इसे मामूली मरम्मत कार्य बताया।
साइड वॉल में चटकन पड़ने की जानकारी उन्हें नहीं मिल सकी है। अगर इस तरह की बात सामने आई तो मुआयना करके कोई निर्णय लेंगे। मोहम्मद शफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई