क्षेत्रीय सहकारी समिति का निरीक्षण करते डीएम।
- फोटो : क्षेत्रीय सहकारी समिति का निरीक्षण करते डीएम।
मैनपुरी। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सोमवार को क्षेत्रीय सहकारी समिति अजीतगंज का निरीक्षण कर डीएपी, यूरिया की उपलब्धता का सत्यापन किया। कहा कि किसानों को निर्धारित मात्रा में निर्धारित मूल्य पर डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हों। सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी की उपलब्धता हो। किसी भी किसान को डीएपी के साथ अन्य उर्वरक खरीदने को बाध्य न किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद में डीएपी की कोई कमी नहीं है। राजकीय गोदामों में उपलब्ध डीएपी को सहकारी समितियों पर प्राथमिकता पर भेजा जाए। डीएम जब दोपहर लगभग एक बजे अजीतगंज की सहकारी समिति पर पहुंचे तो समिति पर ताला बंद था। जानकारी करने पर पता चला कि सचिव धनराशि जमा करने बैंक गए हैं। फोन से उनको बुलाया गया। सचिव ने बताया कि समिति पर 500 बोरी डीएपी उपलब्ध कराई गई थी। 210 बोरी 6 अक्टूबर को एवं 290 बोरी सात अक्तूबर को 63 किसानों को निर्धारित मूल्य 1350 पर उपलब्ध कराई जा चुकी है।
समिति पर अब एक भी बोरी डीएपी उपलब्ध नहीं है। समिति पर 400 बोरा पोटाश उपलब्ध पाई गई। उन्होंने मौके पर मिले कृषक रमेशचंद्र, अशोक कुमार से संवाद करते हुए कहा कि जनपद में कहीं भी उर्वरकों की कमी नहीं होगी। सभी सहकारी समितियों पर जल्द पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होंगे। सभी किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से निर्धारित मूल्य पर डीएपी, यूरिया उपलब्ध होगा। उन्होंने किसानों से कहा कि कृषक नैनो डीएपी, नैनो यूरिया का भी प्रयोग करें। नैनो डीएपी, नैनो यूरिया के रिजल्ट भी बेहतर है और इसके प्रयोग से लागत में भी कमी आएगी। उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप, एआर सहकारिता जितेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
एसडीएम ने खाद बंटवाई
ज्योंती। डीएपी की किल्लत को देखते हुए एसडीएम सदर अभिषेक कुमार ज्योंती पहुंचे। एसडीएम की गाड़ी को देख खाद विक्रेताओं ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। एक दुकान में रखी 10 बोरी डीएपी एसडीएम ने 1350 रुपये में किसानों को वितरण करा दी।