कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों को सुदिति ग्लोबल एकेडमी की ओर से नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। अगर बच्चे के घर में देखरेख के लिए कोई नहीं है, तो ऐसे बच्चों को नि:शुल्क छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कोरोना महामारी के बीच शहर के सुदिती ग्लोबल एकेडमी के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने अपने मां-बाप को खोने वाले छात्र-छात्राओं की मदद करने का संकल्प लिया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने कहा कि यह समय हम सभी के लिए संकटमय है। फिर भी हमें साहस रखते हुए आपसी सहयोगपूर्वक स्थिति का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से जिन विद्यार्थियों के माता-पिता उन्हें छोडकर चले गए हैं, उनके शैक्षिक जीवन में कोई बाधा नहीं आएगी। छात्रों के माता-पिता में से किसी एक को इस महामारी ने छीन लिया है, तो ऐसे छात्र की शैक्षिक शुल्क में पचास प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कोरोना से अगर माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है तो ऐसे छात्रों की पूरी शुल्क माफ की जाएगी।
सौ फीसद माफ होगी फीस
इसके अतिरिक्त कोरोना महामारी के दौरान यदि कोई सेना का जवान या पुलिसकर्मी समाज सेवा करते हुए शहीद हुआ है तो उसके बच्चों की भी 100 प्रतिशत फीस माफ की जाएगी। इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा। साथ ही डॉक्टर की वह रिपोर्ट जिसमें कोरोना संक्रमण के कारण मौत का कारण लिखा हो देनी होगी।
छात्रावास की सुविधा भी कराई जाएगी उपलब्ध
विद्यालय की प्रधानाचार्य कुसुम मोहन ने बताया कि यदि किसी छात्र-छात्रा के माता-पिता दोनों का निधन हो गया है और उसके पास पढ़ाई पूरी करने के लिए कोई स्थान नहीं है तो उसे छात्रावास में निशुल्क रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फीस माफी की इस व्यवस्था का लाभ जिले का कोई भी छात्र ले सकता है। छात्र सुदिति ग्लोबल एकेडमी का ही हो, यह जरूरी न हीं है।