कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते जिलाधिकारी।
- फोटो : कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते जिलाधिकारी।
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय समिति की बैठक में समीक्षा की। कहा कि अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।
मंदिरों के आसपास बिकने वाले भोग की नियमित रूप से जांच की जाए। खुले पेय पदार्थ की बिक्री किसी दशा में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों, आवासीय विद्यालयों, अन्य प्रतिष्ठानों के आसपास के दुकानदारों, हथठेले वालों की गहनता से जांच करके नियमित रूप से सेंपल लिए जाएं। जो भी सेंपल जांच को भेजे जाएं उनकी रिपोर्ट समय से मंगाने की व्यवस्था की जाए। मिलावट करने वालों, अधोमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। जांच के नाम पर किसी भी व्यापारी, दुकानदार का शोषण नहीं होना चाहिए।
डीएम ने कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं, मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे नाश्ते-खाने की गुणवत्ता की जांच करें। आवासीय विद्यालयों में भी खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाएं। दवा विक्रेताओं के यहां भी नियमित रूप से जांच की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी गुप्ता, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा श्वेता सैनी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. एके पाठक मौजूद रहे।