डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब मुख्य परीक्षा में 10 में से महज चार ही प्रश्न ही करने होंगे। स्नातक-परास्नातक में 25 फीसदी कोर्स कम करने के प्रस्ताव को परिषद ने नामंजूर कर दिया है।
अभी तक प्रश्नपत्र में दीर्घ, लघु प्रश्न और बहु विकल्पीय प्रश्न हल करने होते थे। लेकिन विद्या परिषद ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करते हुए लघु-अति लघु और ऑब्जेक्टिव प्रश्न के स्थान पर 10 दीर्घ प्रश्न कर दिए हैं। इसमें से छात्र को कोई भी चार प्रश्न हल करने होंगे। समय में भी एक घंटे की कटौती की गई है।
अब दो घंटे में प्रश्नपत्र हल करने होंगे। बोर्ड ऑफ स्टडीज की कोर्स कम करने में समानरूपता नहीं मिलने पर 25 फीसदी कोर्स कम करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। लेकिन परिषद ने आवासीय संस्थानों के आगामी सेमेस्टर की परीक्षाओं में 25 प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव को मंजूर किया है। परिषद ने विश्वविद्यालय में 17 जनवरी को हुई परीक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी है।
सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल ने बताया कि कोर्स में कटौती करने के बजाय प्रश्नपत्र हल करने में विद्यार्थियों को सहूलियत दी गई है। अब दस के बजाए चार ही प्रश्न हल करने होंगे। 2020-21 की परीक्षा में यही पैटर्न लागू होगा।