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डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय ने दी छात्रों को राहत, परीक्षा में 10 में से चार प्रश्न ही करने होंगे हल

Tue, 19 Jan 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने पाठ्यक्रम में 25 प्रतिशत कम करने के सुझाव को ठुकराते हुए प्रश्नपत्र हल करने में सुविधा दी है। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब मुख्य परीक्षा में 10 में से महज चार ही प्रश्न ही करने होंगे। स्नातक-परास्नातक में 25 फीसदी कोर्स कम करने के प्रस्ताव को परिषद ने नामंजूर कर दिया है।

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अभी तक प्रश्नपत्र में दीर्घ, लघु प्रश्न और बहु विकल्पीय प्रश्न हल करने होते थे। लेकिन विद्या परिषद ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करते हुए लघु-अति लघु और ऑब्जेक्टिव प्रश्न के स्थान पर 10 दीर्घ प्रश्न कर दिए हैं। इसमें से छात्र को कोई भी चार प्रश्न हल करने होंगे। समय में भी एक घंटे की कटौती की गई है। 

अब दो घंटे में प्रश्नपत्र हल करने होंगे। बोर्ड ऑफ स्टडीज की कोर्स कम करने में समानरूपता नहीं मिलने पर 25 फीसदी कोर्स कम करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। लेकिन परिषद ने आवासीय संस्थानों के आगामी सेमेस्टर की परीक्षाओं में 25 प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव को मंजूर किया है। परिषद ने विश्वविद्यालय में 17 जनवरी को हुई परीक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी है। 
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सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल ने बताया कि कोर्स में कटौती करने के बजाय प्रश्नपत्र हल करने में विद्यार्थियों को सहूलियत दी गई है। अब दस के बजाए चार ही प्रश्न हल करने होंगे। 2020-21 की परीक्षा में यही पैटर्न लागू होगा। 

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योग के डिप्लोमा पाठयक्रम शुरू भी होंगे शुरू
विश्वविद्यालय कॉलेजों में योग के डिप्लोमा स्तर के पाठयक्रम भी शुरू करेगा। इसके लिए कोर्स कराने के इच्छुक कॉलेज संचालकों को विश्वविद्यालय में प्रस्ताव भेजना होगा। विद्यालय में पाठयक्रम शुरू कराने के लिए प्रस्ताव भेजने होंगे। 

संत कबीर दास शोध पीठ की होगी स्थापना
संत कबीर दास के साहित्य अध्ययन के लिए शोध पीठ की स्थापना भी की जाएगी। इसके शुरू कराने के लिए संस्कृति निदेशालय ने भी मंशा जताई थी, इस बाबत विश्वविद्यालय को पत्र भी भेजा था।

आईईटी से अलग होगा कंप्यूटर साइंस विभाग 
कंप्यूटर साइंस विभाग को स्वतंत्र विभाग बनाया जाएगा। अभी यह इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अधीन था। इसका प्रस्ताव कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर मनुप्रताप सिंह ने दिया था। 

फार्मेसी विभाग के लिए बनेगा अलग संस्थान
फार्मेसी विभाग के लिए अलग से संस्थान स्थापित किया जाएगा, जहां पर फार्मेसी संबंधी शोध कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके। इसमें शोध के लिए आधुनिक प्रयोगशाला और संसाधन भी विकसित किए जाएंगे।
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