सेंट फ्रांसिस स्कूल के गेट से सोमवार सुबह छठवीं के छात्र का अपहरण कर लिया गया। 50 मिनट के बाद छात्र ने सुल्तानगंज की पुलिया पर खुद को खाली वैन में पाया। वह कमला नगर बी ब्लाक स्थित अपने घर पहुंचा और घरवालों को जानकारी दी। पुलिस ने छानबीन की। कालेज के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
मूलरूप से एटा के रहने वाले पवन जैन अहारन (एत्मादपुर) स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। उनका 11 साल का बेटा सक्षम घटिया आजम खां स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में छठवीं का छात्र है। सोमवार सुबह आठ बजे सक्षम गणित का पेपर देने वैन (जिससे रोज जाता है) से स्कूल गया। वैन में अन्य बच्चे भी थे। जाम लगने पर वैन चालक ने स्कूल से कुछ पहले ही गाड़ी रोक दी। सक्षम ने पुलिस को बताया कि वह स्कूल के पिछले गेट से अंदर जाने के लिए चल दिया। तभी उसे कुछ लोगों ने मुंह दबाकर गाड़ी में बैठा लिया। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही बेहोश हो गया। तकरीबन एक घंटे बाद उसने खुद को एक खाली मारुति वैन में पिछली सीट पर पड़ा पाया। बैग उसकी पीठ पर ही था। वह घबरा गया। बाहर निकला तो सुल्तानगंज की पुलिया चौराहे पर था। यहां से उसका घर पास में है। वह वैन से उतरकर घर पहुंच गया। उसकी मां वर्षा ने बताया कि सक्षम घर पहुंचते ही रोने लगा। काफी देर तक सहमा रहा। उससे पूछा कि स्कूल से क्यों लौट आए। इस पर उसने बताया कि कुछ लोग उसे उठाकर ले गए थे। सुल्तानगंज की पुलिया पर छोड़कर भाग गए। पवन ने घटना की जानकारी पुलिस और स्कूल की प्रिंसिपल को दी। इसी बीच स्कूल से भी सक्षम के पिता के मोबाइल पर उसके कक्षा में नहीं आने का मैसेज मिला। सूचना पर सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर हरीपर्वत पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे। बच्चे और उसके माता-पिता से पूछताछ की। पवन जैन ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्कूल की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
शहर के प्रमुख कॉन्वेंट स्कूल के गेट से बच्चे के अपहरण की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेंट फ्रांसिस स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर सेंटीना ने बताया कि विद्यालय के दोनों गेटों के साथ ही परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने दोनों गेटों के कैमरों की रिकार्डिंग को चेक किया। स्कूल के गेट तक ही कैमरे की रेंज होने से कुछ नहीं मिला। प्रिंसिपल ने भी सक्षम से बातचीत की। उनका कहना था कि स्कूल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। गेट से अपहरण आश्चर्य की बात है।
... कोई और बच्चा तो नहीं था निशाने पर
सक्षम के पिता पवन का कहना है कि हो सकता है कि अपहर्ताओं को किसी और बच्चे का अपहरण करना था। जब उन्हें भूल का अहसास हुआ होगा तो उन्होंने सक्षम को सुल्तानगंज की पुलिया पर छोड़ दिया होगा। पवन ने बताया कि न तो वे इतने पैसे वाले हैं और न ही उनकी कोई रंजिश है।
एग्जाम फोबिया तो नहीं...
पुलिस ने सक्षम के अभिभावकों से उसके स्कूल में पढ़ाई के बारे में पूछताछ की क्योंकि सोमवार को गणित का पहला पेपर था। कहीं बच्चा एग्जाम फोबिया से पीड़ित तो नहीं था। इस पर सक्षम की मां वर्षा का कहना था कि उनका बेटा कक्षा के टॉप फाइव छात्रों में रहता है। पढ़ाई में कमजोर नहीं है। ऐसा नहीं कर सकता।
कई घंटे तक परेशान रही पुलिस
एसपी सिटी समीर सौरभ, सीओ हरीपर्वत घंटों तक स्कूल की प्रिंसिपल और बच्चे के अभिभावकों से बातचीत करते रहे। पुलिस अधिकारी अपहरण की कहानी बनाई हुई लग रही थी। सक्षम के वैन चालक कमला नगर निवासी राहुल को बुलाकर भी पूछताछ हुई। वह आठ साल से पवन जैन के परिवार के संपर्क में है।