डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईईटी की ओर से भेजा गया डाटा मिसमैच हुआ, जिसकी वजह से 300 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंस गई है। इसे लेकर परेशान छात्र-छात्राओं ने इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान का गेट बंद करके विरोध प्रदर्शन किया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के करीब 300 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंस गई है। संस्थान की ओर से अपलोड किए गए छात्र-छात्राओं के प्राप्तांक मिसमैच (मेल न खाने) होने से समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावित छात्रों ने बुधवार को संस्थान का गेट बंद करके विरोध प्रदर्शन किया।
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जिन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति अंक मिस मैच होने की वजह से नहीं आई है, उनमें अधिकतर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हैं। छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन की ओर से उनके अंक ठीक से अपलोड नहीं किए गए, जिसकी वजह से उनको छात्रवृत्ति से वंचित होना पड़ा है। यह भी आरोप लगाया कि उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
पढ़ाई पर संकट
एबीवीपी के सागर चौधरी ने का कहना है कि आईईटी में अधिकतर छात्र-छात्राएं बाहर से पढ़ने के लिए आते हैं जो कि पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति हैं और छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं। छात्रवृत्ति न आने से उनकी पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। विरोध प्रदर्शन में कुलदीप वर्मा, राघवेंद्र सिंह, आनंद प्रकाश महतो, अभिषेक दिवाकर, अरुण नायक, विराट सिंह, शैलेंद्र, समीर गौतम आदि उपस्थित रहे।
सॉफ्टवेयर की वजह से खड़ी हुई समर्स्या
आईईटी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सॉफ्टवेयर से छात्र-छात्राओं के प्राप्तांक का डाटा मिसमैच हुआ है। प्वाइंट के बाद एक अंक ही सॉफ्टवेयर ले रहा था, इससे दूसरा अंक नहीं भरा जा सका। छात्र-छात्राओं ने आवेदन फॉर्म पर पूरा प्राप्तांक लिखा था। समाज कल्याण विभाग को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है, उन्होंने माना भी है कि सॉफ्टवेयर की वजह से ऐसा हुआ है, छात्रों के आवेदन दोबारा मांगे गए हैं, उन्हें भेजा जा रहा है।