यूपी के रायबरेली का दसवीं का छात्र घर से भागकर बुधवार को आगरा आ गया। उसने शाह मार्केट से एक सिम कार्ड खरीदा। विक्रेता ने जब सत्यापन के लिए छात्र के बताए परिचित के नंबर पर काल किया तो वह उसके चाचा का निकला।
उसके चाचा ने भतीजे के लापता होने की जानकारी विक्रेता को दी। विक्रेता की मदद से परिवारीजन छात्र तक पहुंच गए।
रायबरेली स्थित आचार्य द्विवेदी नगर निवासी हरिकेश यादव का 16 वर्षीय भतीजा मयंक कक्षा दस में पढ़ता है। मयंक के पिता राकेश कुमार एक भट्ठा स्वामी हैं। मयंक 16 जनवरी की तड़के चार बजे घर से बाइक लेकर निकला था।
परिवारीजनों ने उसकी तलाश की। बाइक रेलवे स्टेशन पर खड़ी मिल गई। इस पर हरिकेश ने थाना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी। बुधवार हो मयंक आगरा आ गया।
उसने शाह मार्केट में एक सिम कार्ड खरीदा। विक्रेता ने एक परिचित का मोबाइल नंबर भी सिम चालू करने के लिए पूछ लिया।
उक्त मोबाइल नंबर सत्यापन के लिए जब विक्रेता ने काल किया तो मयंक के चाचा हरिकेश ने उठाया। हरिकेश ने विक्रेता को भतीजे के लापता होने की जानकारी दी।
अपनों से मिल गया छात्र
उन्होंने मयंक के बारे में जाना तो उसे पकड़ने को कहा, लेकिन वह जा चुका था। हरिकेश ने दयालबाग में रहने वाले अपने परिचित को विक्रेता के पास भेजा। उधर, विक्रेता ने भी मयंक को दिया सिम अपने नंबर से चालू कर दिया।
काल करने पर उसने बताया कि वह ईदगाह स्टेशन बस का इंतजार कर रहा है। विक्रेता ने बहाने से उसे रोक लिया। इस पर विक्रेता और परिचित पहुंच गए। दोनों ने मयंक को पकड़ लिया।
सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस तीनों को थाना रकाबगंज ले आई। यहां पर इंस्पेक्टर ने पूछताछ की। मयंक के चाचा से फोन पर बात की। इसके बाद मयंक को परिचित के हवाले कर दिया।