स्कूल में छह घंटे तक रखा रहा शव
पांच साल के मासूम सागर की करंट लगने से मौत की खबर सुनते ही माता-पिता बदहवास हो गए। शव को परिसर में रखने के बाद दोनों आंसू बहाते रहे। पुलिस को छह घंटे तक शव को हाथ तक नहीं लगाने दिया। सागर दो बहनों के बीच इकलौता भाई था।
रमन कुमार की दो पुत्रियां और हैं। बहनों के बीच इकलौता भाई होने की वजह से वह सबका प्यारा था। रमन को जब सूचना मिली कि बेटे को करंट लग गया है तो वह पत्नी के साथ बदहवास हालत में विद्यालय पहुंचा। वहां इकलौते बेटे का शव देख उसकी मानो जान ही निकल गई। बच्चे के शव को गोद में लिए माता-पिता परिसर में छह घंटे तक बैठे रहे।