रोडवेज अधिकारियों ने मानीं संविदा कर्मियों की मांगें
हड़ताली संविदा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार की सुबह अधिकारियों के मांगें मान लेने के बाद समाप्त हो गई। सुबह 11 बजे से फाउंड्री नगर डिपो से महानगर बसों का संचालन शुरू हो गया। लेकिन शहरवासियों को दोपहर 12 बजे तक बसें मिल सकीं। इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बता दें, महानगर बस के चालक आलोक के साथ भगवान टाकीज पर टीएसआई ने मारपीट करके बस को सीज कर दिया था। इसके विरोध में बुधवार की दोपहर को महानगर बसों के संविदा चालक, परिचालकों ने हड़ताल कर दी थी। फाउंड्री नगर डिपो पर धरना प्रदर्शन किया था। संविदा कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री केके अरेला ने बताया कि गुरुवार की सुबह महानगर बस सेवा प्रभारी एआरएम उत्तमचंद, फोर्ट डिपो के एआरएम मोहनलाल ने फाउंड्री नगर डिपो में यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता की। कर्मियों का कहना था कि उनके साथ अभद्रता के बाद भी संबंधित लोगों पर कार्रवाई के लिए रोडवेज अफसर पैरवी नहीं करते हैं। वार्ता में अधिकारियों ने काम पर लौटने की शर्त पर कर्मियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। एआरएम उत्तमचंद ने बताया कि रात में ही बातचीत हो गई थी। सुबह दोबारा बातचीत के बाद संचालन शुरू हो गया था।
सुबह नौ बजे से बस सेवा शुरू
महानगर बस सेवा के संविदा चालक, परिचालकों की मांगें मान ली गई हैं। बस सेवा सुबह नौ बजे सुचारु कर दी गई थी। एसके शर्मा-क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज
ये थीं मांगें
महानगर बसों का चालान और सीज होने पर रोडवेज प्रशासन ही जुर्माना भरकर छुड़वाए, यात्री जुर्माना लागू किया जाए, संविदा कर्मियों को न्यूनतम वेतन दिया जाए, किसी भी मेंटेनेंस कंपनी को चालक नहीं सौंपे जाएं, किसी भी शिकायत पर बसों को रूट आफ नहीं किया जाए।
सिटी बसें नहीं मिलीं, लोग हुए परेशान
सिटी बसों की हड़ताल के कारण गुरुवार की सुबह कामकाजी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भगवान टाकीज, हरीपर्वत चौराहा, सेंट जोंस और साईं का तकिया पर सुबह आठ बजे से ही लोग बसों के अभाव में भटकते दिखाई दिए। मौके लाभ उठाते हुए आटो और ई-रिक्शा चालकों ने 15 रुपये तक वसूले, जबकि किराया 10 रुपये है। हड़ताल के कारण ट्रैफिक पुलिस ने भी एमजी रोड पर आटो चालकों को नहीं रोका।