मैनपुरी। यूपीएचएसएसपी के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवाएं शुक्रवार से समाप्त हो गईं। दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारियों ने अस्पताल की ओपीडी के बाहर धरना दिया। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
कर्मचारियों को गुरुवार को ही अपनी संविदा समाप्ति की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने गुरुवार से ही संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग/संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कर्मचारियों की सीएमओ और सीएमएस से कई चरणों में बात भी हुई,
लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका। शाम को कर्मचारियों को बताया कि उनकी संविदा तीन साल के लिए बढ़ाई जा रही है, लेकिन जब शुक्रवार सुबह कर्मचारी हस्ताक्षर करने पहुंचे तो उन्हें हस्ताक्षर नहीं करने दिए। कर्मचारी फिर से धरना प्रदर्शन पर बैठ गए।
इस दौरान शिव कुमार, अरिदमन प्रताप सिंह, रुचि यादव, अमित गुप्ता, मनीष चंद्र, पारुल पांडेय, अभिषेक कुमार, अमित कुमार गुप्ता, मनीष कुमार, सच्चिदानंद, रेखा यादव सहित सभी कर्मचारी शामिल थे।
रिसीव नहीं किया बर्खास्तगी का नोटिस
14 कर्मचारियों को 30 सितंबर को ही संविदा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया था। जबकि 46 कर्मचारियों को शुक्रवार को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया। हालांकि प्रभारी सीएमएस द्वारा जारी नोटिस को कर्मचारियों ने रिसीव नहीं किया है।
मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
संविदा कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित रही। इमरजेंसी ड्यूटी में केवल एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट व एक स्टाफ नर्स की तैनाती होने के कारण ईएमओ की ड्यूटी कर रहे डॉ. गौरव पारिक को स्वयं ही मरीजों को इंजेक्शन देने पड़े और स्टाफ नर्स का अन्य कार्य करना पड़ा।
11 बजे ही सैंपल लेना कर दिया बंद
जिला अस्पताल की पैथॉलॉजी में शुक्रवार को 11 बजे के बाद से ही जांच के लिए सैंपल लेना बंद कर दिया गया। बताया गया कि जब कर्मचारी ही नहीं हैं तो कैसे इतनी अधिक मात्रा में जांच की जा सकेगी।