पुनर्वास की मांग को लेकर शहीद स्मारक के बाहर अनशन पर बैठे संत रविदास नगर के लोगों की आत्मदाह की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप मच गया। शनिवार को अधिकारी फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने केरोसिन की केन जब्त कर लोगों से धरना समाप्त करने को कहा। कोई नहीं माना तो साथ लाए ट्रक और बसाें में उन्हें भरना शुरू कर दिया। लेकिन सपा नेता ने इसका विरोध कर सभी को दोबारा धरना स्थल पर उतार लिया। रात को आश्वासन के बाद लोगों ने अनशन तोड़ दिया। लेकिन धरना समाप्त नहीं किया है।
बता दें कि आगरा किला के सामने पिछले दिनों रक्षा संपदा विभाग ने अभियान चलाकर जमीन खाली करा ली। हजारों लोग बेघर हो गए। अब पुनर्वास की मांग को लेकर कई दिन से लव शुक्ला के साथ शहीद स्मारक पर यही लोग धरना दे रहे हैं। शनिवार दोपहर 12 बजे से पहले एडीएम फाइनेंस राजकुमार, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, एसीएम पीडी गुप्ता और सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार के साथ ही हरीपर्वत और सिकंदरा का फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सभी को ट्रक में बैठाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव ने सभी को उतरवा लिया। शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी भी पहुंचे गए। पुलिस ने समझाया कि उनकी मांग को पूरा करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। रात साढ़े नौ बजे एसीएम थर्ड पीडी गुप्ता और सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। लेकिन लोगाें ने धरना समाप्त नहीं किया। देर रात तक लोग भजन कीर्तन करते रहे। उनका कहना है कि रविवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. राम शंकर कठेरिया के आवास का घेराव करने के बाद ही प्रदर्शन खत्म करेंगे।
डीएम के सामने राजी हुए, फिर मुकरे
धरने पर बैठे लोगों में पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। डीएम कार्यालय में डीएम पंकज कुमार ने कहा कि लोहिया आवास के तहत मकान दिए जाएंगे। प्रथम चरण में 30 लोगों की सूची बन चुकी है। लव शुक्ला व उनके साथ गए लोग राजी हो गए, लेकिन धरना स्थल पर पहुंचते ही मुकर गए।