डीएम के आश्वासन पर ही वह शांत हुए थे। शुक्रवार को फिर किसानों ने जंगलों में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर स्कूलों में बंद कर दिया। किसी स्कूल में बीस पशु भर दिए गए तो कहीं तीस तक। जब स्कूल के शिक्षकों ने विरोध किया तो किसान उनसे भिड़ गए। काफी हंगामा हुआ। एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए।
किसानों ने अफसरों का घेराव कर लिया। किसानों ने कहा कि जब तक आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते रहेंगे, वे इसी तरह इन्हें पकड़कर स्कूलों में बंद करते रहेंगे। बलदेव के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में भी आवारा पशु बांध दिए गए। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि आवारा पशुओं को गोशाला में भेजा जा रहा है। गोशाला संचालकों से इस संबंध में बात हो गई है।
इन स्कूलों में बांधे गए आवारा पशु
मांट ब्लाक के भदनवारा, नयाबांस, कराहरी, मुड़लिया, अकबरपुर, शेरनी, अरूआ बांगर, छाहरी के स्कूलों में आवारा पशु बांधे गए। वहीं राया ब्लाक के खिराहरी, सियरा, कूम्हा, आयराखेड़ा, अर्रुआ और बलदेव ब्लाक अवेरनी, गोंठा, पटलौनी के स्कलों में आवारा पशु बंद कर दिए।