सीएफआई सदस्य सिद्दीक कप्पन को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस दंगे की साजिश के आरोप में जेल में बंद सीएफआई सदस्यों के केस की जांच कर रही एसटीएफ ने अदालत से तीन दिन की अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की मांग की है। तीन अप्रैल को अभियुक्त अदालत में पेश होंगे और इस दिन सीबीआई के पास चार्जशीट दाखिल करने को आखिरी दिन होगा। जानकारी रहे अभी तक एसटीएफ इस केस में कुल सात अभियुक्तों को अदालत में पेश कर चुकी है, जिसमें से पांच अभियुक्त मथुरा जेल में बंद हैं। अन्य दो अभियुक्त लखनऊ जेल में बंद हैं।
दरअसल, चार अक्तूबर 2020 को मांट पुलिस ने चार सीएफआई सदस्यों को हाथरस जाते समय शांतिभंग में पकड़ा था। पकड़े गए सदस्यों में अतीकुर्ररहमान, सिद्दीक कप्पन, आलम समेत चार थे। अगले दिन सात अक्तूबर को पुलिस ने दंगा फैलाने की साजिश में जेल भेजा गया। इसके बाद यह जांच एसटीएफ के पास पहुंच गई और एसटीएफ ने एक के बाद एक रऊफ शरीफ, फिरोज खान और अंसद को भी भेज दिया। इनमें से फिरोज और अंसद को पीसीआर के बाद रिमांड के बाद लखनऊ जेल भेज दिया। इस प्रकार से कुल सात के संबंध में एसटीएफ को चार्जशीट पर निर्णय देना है।
बुधवार को एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत ने एसटीएफ के प्रार्थनापत्र पर तीन अप्रैल तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। जानकारी रहे 180 दिन चार अप्रैल को पूरे हो रहे हैं, जबकि चार को रविवार होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकेगी। इसलिए अदालत ने तीन अप्रैल की तारीख लगाई है। एसटीएफ पहले से ही 90 दिन चार्जशीट के लिए बढ़वा चुकी है और चार अप्रैल को 180 दिन पूरे हो रहे हैं। इसलिए उम्मीद है कि एसटीएफ तीन अप्रैल को चार्जशीट लगा सकती है।
हिंसा की साजिश का मामला: मथुरा जेल में बंद सिद्दीक कप्पन की लिखावट-आवाज की होगी जांच
उधर, अदालत ने जेल में बंद पांच अभियुक्तों को तीन अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अब तीन अप्रैल को अदालत में इस केस की सुनवाई होगी। वहीं प्रतिपक्ष अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि अब एसटीएफ के पास चार्जशीट के लिए समय नहीं बचा है। तीन अप्रैल को अदालत में सभी अभियुक्त पेश होंगे।