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Agra University: प्रो. विनय पाठक से पूछताछ कर सकती है एसटीएफ, करीबी अजय मिश्र को भेजा जेल

Tue, 01 Nov 2022 12:40 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एसटीएफ ने अजय मिश्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद जेल भेज दिया गया। माना जा रहा है कि साक्ष्य मिलने के बाद ही प्रोफेसर पाठक से भी पूछताछ की जा सकती है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
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छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के वर्तमान और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्याल आगरा के पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक व उनके करीबी अजय मिश्र पर लगे आरोपों की जांच करने जल्द लखनऊ से भी एसटीएफ की एक टीम आगरा आएगी। एसटीएफ ने अजय मिश्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद जेल भेज दिया गया। 

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अजय मिश्र को जल्द रिमांड पर लेने की तैयारी है। एक्सएलआईसीटी कंपनी का मालिक अजय मिश्र भी आगरा विश्वविद्यालय में प्री व पोस्ट परीक्षा का संचालन कराता है। उस पर प्रोफेसर विनय पाठक के साथ मिलीभगत का आरोप है। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि अजय और खातों का ब्योरा निकलवा लिया है। साक्ष्य मिलने के बाद ही प्रोफेसर पाठक से भी पूछताछ की जा सकती है।

अजय की कंपनी का 100 करोड़ रुपये सलाना टर्न ओवर

एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि एक्सएलआईसीटी कंपनी के मालिक अजय मिश्र लखनऊ के खुर्रम नगर का रहने वाला है। उसके पिता गौरीशंकर मिश्र बैंक से सेवानिवृत्त हुए। उसने लखनऊ में पढ़ाई की। सीए की तैयारी की। मगर, सफल नहीं हो सका। वह कंप्यूटर डेटा प्रोसेसिंग का काम करने लगा। वह पैतृक घर में रहता था। स्कूटर से चलता था। उसने कुछ ही समय में कुलपतियों से संपर्क कर लिया। 

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बताया गया है कि उसकी कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारी हैं। 100 करोड़ का सलाना टर्न ओवर है। 20 करोड़ रुपये से अधिक कंपनी के खाते में हैं। वह शिक्षण संस्थानों में उपकरण आदि की भी सप्लाई देता था। कई अन्य कुलपति से उसकी सांठगांठ की जानकारी एसटीएफ को मिली है। अजय मिश्र ने प्रो. विनय पाठक के लिए एजेंसी से कमीशन के रूप में रुपये लिए थे। इसके कई खातों में रकम को जमा कराया। इस समय वह आलीशान कोठी में रहता है। महंगी कार में चलता है। 

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