उत्तर प्रदेश के आगरा में एसटीएफ अतीक अहमद के गुर्गों को तलाश रही है। सोमवार को पकड़े गए चार संदिग्धों से पूछताछ के बाद अहम सुराग मिले हैं। आगरा में ताजगंज और सदर क्षेत्र में दबिश दी गई। वहीं, राजस्थान सीमा के कई इलाके भी विशेष टीम के रडार पर हैं।
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद के बेटे असद और शूटरों की तलाश में सोमवार को एसटीएफ ने आगरा में घेराबंदी की। इस दौरान एसटीएफ ने फतेहपुर सीकरी से चार संदिग्धों को पकड़ा है। लखनऊ से आई एसटीएफ की टीम ने सोमवार तड़के फतेहपुर सीकरी में कौरई टोल प्लाजा पर जाल बिछाया था। राजस्थान से आ रही काले रंग की ब्रेजा कार का पीछा किया था।
पकड़ने के दौरान गोली भी चलानी पड़ी
इस दौरान टोल प्लाजा पर क्रेन और ट्रक लगा दिए। बैरियर पर पुलिस तैनात की गई। 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तीन घंटे तक लगे रहे। कार के आने पर शीशा तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से एक ने भागने का प्रयास किया। इस पर गोली भी चलानी पड़ी। चारों संदिग्धों को टीम कहां ले गई? यह पता नहीं चल सका। लेकिन आगरा में हुई इस कार्रवाई की काफी चर्चा है।
गुर्गों और बेटे के बारे में मिली अहम जानकारी
सूत्रों ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ के बाद अतीक के गुर्गों और बेटे के बारे में अहम जानकारी मिली है। इनपुट मिलने के बाद कई जिलों में एसटीएफ को लगाया गया है। इन पर अभी कार्रवाई जारी है। आगरा के ताजगंज और सदर क्षेत्र में गुर्गे होने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम ने कई जगह दबिश दी। इसके अलावा आगरा की सीमा से लगे राजस्थान के कई इलाकों में टीम पहुंची है। ऐसे स्थान भी देखे जा रहे हैं, जहां पर शूटर ठहर सकते हैं।
होटल और गेस्ट हाउस पर भी अलर्ट
स्थानीय खुफिया एजेंसी ने भी होटल और गेस्ट हाउस के लिए अलर्ट जारी किया है। कहा है कि किसी भी व्यक्ति को बिना आईडी के नहीं रोका जाए। मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पेन कार्ड लिया जाए। मोबाइल नंबर की जांच करें। गाड़ी के नंबर भी जांच करें। कुछ घंटे के लिए आए हैं तो पुलिस को सूचना दें। ऐसा कोई न आए, जो अपने वाहन को खड़ा छोड़कर चला जाए। किसी तरह का संदेह होने पर पुलिस को जानकारी दें।