कुलसचिव के नेतृत्व में बनाई समिति
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि एसटीएफ ने कुछ दस्तावेजों में ओवरराइटिंग और तारीख बदलने की शिकायत की है, इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करा रहे हैं। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह और वित्त अधिकारी सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में जांच समिति बनाई है।
किसी बदलाव पर मुहर और हस्ताक्षर जरूरी
कुलपति ने बताया कि एसटीएफ जो भी दस्तावेज मांग रही है, उनको मुहैया कराया जा रहा है। कागजात में छेड़छाड़ की शिकायत के बाद आदेश जारी किया है कि भूलवश त्रुटि होने पर सुधार किया गया है तो भी संबंधित को अपना नाम, हस्ताक्षर और तिथि दर्ज करना, मुहर लगाना अनिवार्य है। इससे जरूरत के समय संबंधित व्यक्ति से इसकी वजह भी पूछी जा सकेगी।
पांच की टीम पर संदेह
एसटीएफ को जांच में प्रो. पाठक के विश्वविद्यालय में पांच खासमखास लोगों पर संदेह है। उनका मानना है कि इनके जरिए ही सभी कार्य होते थे। एसटीएफ ने इन पांचों (प्रोफेसर व कर्मचारी) पर ही साक्ष्य में बदलाव और छेड़छाड़ का संदेह जताया है। इनसे हाल ही में पूछताछ में एसटीएफ ने विश्वविद्यालय के परीक्षा, गोपनीय और संबद्धता, वित्त विभाग में लगातार चक्कर काटने की वजह भी पूछी थी।