एसपी ने परीक्षा से संबंधित जानकारी ली। एजेंसी के कार्य के बारे में पूछा। पूछा कि परीक्षा संबंधी कार्य में कितने स्थायी और अस्थायी कर्मचारी लगे हैं। कितने सुरक्षा कर्मी हैं। कार्य कैसे होता है? एजेंसी तक कॉपियां कौन पहुंचाता है? कौन से कर्मचारी को क्या जिम्मेदारी है? वह कहां रहते हैं और उनके मोबाइल नंबर क्या हैं? चार्ट रूम में भी टीम पहुंची।
कहां बनेगा कैंप कार्यालय ?
विश्वविद्यालय परिसर में ही एसटीएफ का कैंप कार्यालय बनना है। एसटीएफ ने पूछताछ के बाद कैंप कार्यालय के लिए स्थान देखा। कुलपति सचिवालय के पास निर्माणाधीन आवास पर भी विचार किया गया। कैंप कार्यालय बनने के बाद एसटीएफ और कर्मचारियों को बुलाएगी। परिसर में ही कार्यालय होने पर कर्मचारियों से पूछताछ में भी आसानी होगी।
एसआईटी का रिकॉर्ड भी लिया
एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया है। पूर्व में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एसटीएफ पुराने मामलों की जांच भी करेगी। जिन मामलों में अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है, उनको भी देखा जाएगा। एसटीएफ एसआईटी का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
कार्यवाहक कुलपति से की मुलाकात ?
60 मिनट तक विश्वविद्यालय में रुकने के बाद टीम खंदारी कैंपस पहुंची। कार्यवाहक कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से मुलाकात की। उनसे परीक्षा को लेकर बात की। इसके बाद टीम वापस गई।