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DBRAU Agra: बीएएमएस परीक्षा में कॉपी बदलने की जांच शुरू, एसटीएफ ने विश्वविद्यालय में खंगाले रिकॉर्ड

Sat, 10 Sep 2022 09:30 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एसटीएफ की टीम विश्वविद्यालय में करीब एक घंटा तक रुकी। इस दौरान जांच अधिकारी ने परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तलब की। जांच के दौरान विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा रहा। 
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विश्वविद्यालय में एसटीएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षा में बीएएमएस की कॉपी बदलने की जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी। शुक्रवार को टीम ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाले। परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तलब की। चार्ट रूम में भी पूछताछ की। 60 मिनट तक टीम रुकी, इससे कर्मचारियों की धड़कन बढ़ी रही। बाद में एसटीएफ ने खंदारी कैंपस में कार्यवाहक कुलपति से भी मुलाकात की। 

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बीएएमएस की परीक्षा में कॉपी बदलने का मामला 27 अगस्त को सामने आया था। थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने टेंपो चालक देवेंद्र और डॉ. अतुल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद एजेंसी के कार्यालय में रखी सौ कॉपियों की जांच में एक कॉलेज के 14 छात्रों के कॉपियों की लिखावट अलग-अलग मिली। इस पर पुलिस ने एक और मुकदमा लिखा। इधर, मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद जांच एसटीएफ को दी गई। 

विश्वविद्यालय में मचा रहा हड़कंप 

शुक्रवार को एसपी एसटीएफ राकेश यादव के नेतृत्व में निरीक्षक हुकुम सिंह और यतेंद्र शर्मा सहित अन्य कर्मचारी विश्वविद्यालय पहुंचे। एसटीएफ को देख विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी सीट छोड़कर इधर-उधर हो गए। एसपी सबसे पहले परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे। उन्होंने परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों की सूची मांगी। रिकॉर्ड तलब किया।

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एसपी ने परीक्षा से संबंधित जानकारी ली। एजेंसी के कार्य के बारे में पूछा। पूछा कि परीक्षा संबंधी कार्य में कितने स्थायी और अस्थायी कर्मचारी लगे हैं। कितने सुरक्षा कर्मी हैं। कार्य कैसे होता है? एजेंसी तक कॉपियां कौन पहुंचाता है? कौन से कर्मचारी को क्या जिम्मेदारी है? वह कहां रहते हैं और उनके मोबाइल नंबर क्या हैं? चार्ट रूम में भी टीम पहुंची। 

कहां बनेगा कैंप कार्यालय ?

विश्वविद्यालय परिसर में ही एसटीएफ का कैंप कार्यालय बनना है। एसटीएफ ने पूछताछ के बाद कैंप कार्यालय के लिए स्थान देखा। कुलपति सचिवालय के पास निर्माणाधीन आवास पर भी विचार किया गया। कैंप कार्यालय बनने के बाद एसटीएफ और कर्मचारियों को बुलाएगी। परिसर में ही कार्यालय होने पर कर्मचारियों से पूछताछ में भी आसानी होगी। 

एसआईटी का रिकॉर्ड भी लिया

एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया है। पूर्व में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एसटीएफ पुराने मामलों की जांच भी करेगी। जिन मामलों में अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है, उनको भी देखा जाएगा। एसटीएफ एसआईटी का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

कार्यवाहक कुलपति से की मुलाकात ?

60 मिनट तक विश्वविद्यालय में रुकने के बाद टीम खंदारी कैंपस पहुंची। कार्यवाहक कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक से मुलाकात की। उनसे परीक्षा को लेकर बात की। इसके बाद टीम वापस गई।
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