आगरा। अछनेरा की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नेमवती और अधिशासी अधिकारी ललित कुमार के विरुद्ध जिलाधिकारी ने 52 लाख रुपये की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी किए थे। वसूली से पहले ही आरसी पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। 2016 में पालिका के लिए स्ट्रीट लाइट व विद्युत उपकरणों की खरीद में गड़बड़ियों के आरोप सिद्ध होने पर शासन ने दोनों के विरुद्ध भू राजस्व के माध्यम से 52 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए थे।
नगर पालिका अछनेरा की पूर्व सभासद नीतू रावत ने स्ट्रीट लाइट व विद्युत उपकरण खरीद में घोटाले के आरोप लगाए थे। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच कराई। तत्कालीन मजिस्ट्रेट अरुन यादव की जांच में आरोप सिद्ध हुए थे। दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। शासन को रिपोर्ट भेजी गई। उपकरण खरीद में सरकारी धन की क्षति मानते हुए विशेष सचिव मनोज कुमार सिंह ने 30 मार्च को 52 लाख रुपये की वसूली के लिए आरसी जारी करने के आदेश दिए। पांच अप्रैल को आरसी जारी हो गई। परंतु वसूली से पहले ही आरोपित पक्ष न्यायालय चला गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अरविंद पाण्डेय ने बताया कि वसूली पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। 18 जुलाई तक हमें जवाब दाखिल करने का। सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट जो निर्णय करेगा, उसके तहत आगे वसूली आदि की कार्रवाई की जाएगी।
अछनेरा की पूर्व सभासद नीतू रावत ने बताया कि 2012 से 2017 तक नेमवती अध्यक्ष रहीं। उसी कार्यकाल में मैं भी सभासद चुनी गई थी। 2016 में करीब 1.30 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट व अन्य उपकरण खरीदे गए। खरीद से पहले टेंडर नहीं निकाले। विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। बोर्ड में प्रस्ताव पास नहीं कराए। नियम विरुद्ध खरीद पर मैंने डीएम से शिकायत कीं। 2017 में एफआईआर दर्ज हुई। परंतु पांच साल बाद भी नतीजा सिफर है।