जीएसटी की टीम बुधवार को टैक्स के बकाया 3.13 करोड़ की वसूली के लिए व्यापारी आनंद जैन के घर और गोदाम पर गई। वह दोनों जगह नहीं मिले। टीम बैरंग लौट आई। आनंद फर्म पहले ही बंद कर चुके हैं।
एडिशनल कमिश्नर प्रथम राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि व्यापारी आनंद जैन ने खुद का मार्बल, ग्रेनाइट का काम दिखाया हुआ था। उन पर वित्तीय वर्ष 2013-14 और 2014-15 से बकाया चल रहा है। फर्म भी बंद की जा चुकी है। टैक्स, ब्याज और जुर्माने के रूप में राशि करीब 3.13 करोड़ रुपये हो चुकी है।
इसको लेकर दो टीम इनकी गांधीनगर पालीवाल पार्क स्थित फर्म तथा पार्श्वनाथ कॉलोनी, शमशाबाद रोड स्थित घर पर पहुंची। घर पर आनंद की पत्नी ने बताया कि पति गोदाम पर हैं। वह वहां नहीं मिले। टीम में पर्यवेक्षक रविंद्र पाल सिंह, संग्रह अमीन विनोद कुमार एवं महेंद्र सिंह आदि सम्मलित थे।
भाई के नाम से खोल ली फर्म
आनंद ने अपनी फर्म को बंद करके नई फर्म अपने भाई सौरभ जैन के नाम से बना ली है। इसका दफ्तर फतेहाबाद रोड पर है। नागपुर में भी अपनी फर्म पंजीकृत करा ली था। वहां से पता कराया तो फर्म बंद मिली।