आगरा। स्टांप वेंडर के पास मुंशी का काम करने वाले व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर कई बार में 11 लाख रुपये खातों ट्रांसफर करवाए गए। सीबीआई का अधिकारी बनकर देशविरोधी कार्य होने की जानकारी देकर डराया गया। थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राधानगर सिकंदरा निवासी वीरेश कुमार गोयल ने बताया कि 19 फरवरी को उनके पास सुबह 9 बजे अज्ञात नंबर से कॉल आई। सीबीआई अधिकारी बताकर बात की गई। उनके नाम से मुंबई के बांद्रा में ई-सिम जारी होने और केनरा बैंक में खाता खोले जाने की जानकारी दी गई। कहा गया कि उक्त सिम का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में किया गया है। खाते से आतंकियों को रकम भेजे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने तीन दिन में 11 लाख रुपये खातों में भेज दिए। आरोपियों ने इसके बाद और रकम जमा करने को कहा तो साइबर ठगी का एहसास हुआ। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। बैंक खातों और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश की जा रही है।