कासगंज। गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र पर 10 अगस्त को प्रसव के बाद प्रसूता की मौत के मामले में दो स्टाफ नर्स दोषी पाई गई हैं। उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जांच रिपोर्ट देखने के बाद डीएम मेधा रूपम ने सीएमओ को दोनों की सेवा को समाप्त करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। ममता (25 ) अपने पति अशोक पाल के साथ हरियाणा से कासगंज के गजौरा स्थित अपने मायके आई हुई थी। यहां उसे प्रसव पीड़ा होने पर उसको गंजडुंडवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। वहां ममता ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद लगातार रक्तस्राव होने पर उनकी हालत बिगड़ने लगी। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजन ने अधीक्षक मुकेश यादव और डॉ. आसफा खान, स्टाफ नर्स वंदना, अली्शा, बेबी कुमारी और अर्चना यादव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इस मामले में सीएमओ ने इस मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया। जांच में स्टाफ नर्स बेबी कुमारी और अर्चना यादव को दोषी पाई गई। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई। इसके बाद डीएम ने दोनों स्टाफ नर्स की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद सीएमओ डाॅ. राजीव अग्रवाल ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उन्होंने बताया कि इस मामले में अधीक्षक को सीएमओ कार्यालय से संबंध कर दिया गया था तथा महिला डॉक्टर व स्टाफ नर्स के वेतन रोकने सहित अन्य कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।