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पोस्टमार्टम गृह पर मानवता तार-तार: धूप में जमीन पर रख दी लाश, स्ट्रेचर तक नहीं दी; गिड़गिड़ाते रहे परिजन

Sat, 18 Jul 2026 11:55 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पोस्टमार्टम गृह पर मानवता को शर्मसार कर देने वाला सामने आया। परिजन के रुपये नहीं देने पर कर्मचारियों ने शव बाहर निकाल गेट के बाहर धूप में रख दिया। परिजन को स्ट्रेचर तक नहीं दी। एक घंटे तक परिजन गुहार लगाते रहे।
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पोस्टमार्टम के बाद कर्मचारियों ने गेट के बाहर जमीन पर रख दिया शव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम गृह पर कर्मचारियों ने मानवता को तार-तार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिवार एंबुलेंस का इंतजाम करने लगा। इतनी देर में कर्मचारियों ने धूप में जमीन पर शव रखकर गेट बंद कर दिया। एक घंटे तक शव वहीं पड़ा रहा। एंबुलेंस का इंतजाम करने के बाद परिजन शव को ले जा सके।
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लोहामंडी क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय युवक की अधिक शराब पीने से मौत हो गई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। शुक्रवार दोपहर 1 बजे के करीब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। रिश्तेदार राजकुमार ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। शव लेने के लिए वह पोस्टमार्टम कर्मियों को सुविधा शुल्क नहीं दे पाए। वहां मौजूद प्राइवेट एंबुलेंस चालक अधिक रुपये मांग रहे थे। उन्होंने क्षेत्र बजाजा से एंबुलेंस की व्यवस्था का प्रयास किया। पोस्टमार्टम से सीधा श्मशान घाट जाना था। 

 

इसलिए अंतिम संस्कार का सामान वहीं मंगवाया था। पोस्टमार्टम गृह के कर्मचारियों ने स्ट्रेचर तक नहीं दिया और शव निकासी वाले गेट के बाहर जमीन पर ही रखकर गेट बंद कर दिया। पीड़ित एक घंटे तक गुहार लगाता रहा पर किसी ने नहीं सुनी। गनीमत रही कि कुत्ते या अन्य जानवर ने शव को नुकसान नहीं पहुंचाया। बेकद्री से बचाने के लिए परिजन शव को प्राइवेट एंबुलेंस से लेकर गए। इसी तरह बल्केश्वर के युवक की डूबने से मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। परिजन ने शव देने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। हंगामा करने पर कर्मचारियों द्वारा शव देने की बात कही है।

 
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पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
पोस्टमार्टम गृह पर वसूली के आरोप नए नहीं हैं। तीन वर्ष पूर्व मिट्टी की ढाय में दबकर बालक की मौत के बाद पोस्टमार्टम गृह में पिता से रुपये मांगे जाने का मामला सामने आया था। लॉयर्स काॅलोनी में युवक ने उसकी मां और बेटे की हत्या कर खुद आत्महत्या की थी। शव के बदले रुपये मांगे गए थे। मामले में परिवार के परिचित अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम गृह पर प्राइवेट कर्मियों को इसी काम के लिए रखा जाता है।

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