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तेल माफिया मनोज गोयल पर तीन साल बाद फिर कसा शिकंजा, जब्त होंगी करोड़ों की संपत्तियां

Wed, 29 Jul 2020 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मथुरा के एसएसपी ने शुरू कराई जांच
  • साथियों पर भी होगी कार्रवाई
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लाल घेरे में तेल माफिया मनोज गोयल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तेल माफिया मनोज गोयल ने वर्ष 2017 के बाद जो भी संपत्ति खरीदी है, वह सब जब्त की जाएगी। मथुरा के एसएसपी ने कहा है कि उस पर 2017 के आखिर में गैंगस्टर लगा था। इसके बाद खरीदी गई संपत्तियों की जांच की जा रही है। तेल चोरी के मामले में जेल गए अन्य आरोपियों की संपत्ति भी जल्द ही जब्त कराई जाएगी।
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मथुरा रिफाइनरी से तेल चोरी में 17 आरोपी बनाए गए थे। इनमें मनोज गोयल के साथ थाना राया क्षेत्र के गांव भंकरपुर बसैला का प्रधान राम हरि चौधरी, इसी गांव का रवि चौधरी और खंदारी रोड आगरा निवासी तरविंदर जीत सिंह उर्फ मिन्नी शामिल था। मिन्नी के आगरा में दो पेट्रोल पंप हैं।
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मनोज गोयल के आगरा में सात पेट्रोल पंप थे। इन्हें बाद में बंद करा दिया गया। पुलिस ने खुलासा किया था कि राम हरी चौधरी ने पांच साल पूर्व दिल्ली के उत्तमनगर इलाके में भी पाइप लाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी कराई थी।

मनोज गोयल - फोटो : अमर उजाला
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद में बेचा गया चोरी का तेल
मथुरा रिफाइनरी से चोरी करके तेल को आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के पेट्रोल पंपों पर बेचा गया था। पुलिस ने इसकी भी जांच की थी। इनमें से सात पेट्रोल पंप मनोज गोयल के थे। उन पर सील लगा दी गई थी। इस गिरोह से चोरी का तेल लेने वाले अन्य बड़े लोगों के पंपों पर कार्रवाई नहीं की गई थी।

बड़ा सवाल : करोड़ों की संपत्ति की तीन साल में क्यों नहीं बनी सूची
मथुरा के डीएम के आदेश पर पुलिस ने मनोज गोयल की सवा करोड़ की संपत्ति सीज की है लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि तीन साल में पुलिस यह मालूम क्यों नहीं कर पाई कि उसके पास कुल कितनी संपत्ति है। उस पर वर्ष 2017 में गैंगस्टर लगा था।

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इसके बाद खरीदी गई संपत्ति की पुलिस को जानकारी करनी थी लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। अब कानपुर में विकास दुबे कांड के बाद शासन ने माफिया के खिलाफ संपत्ति जब्त करने के अभियान के निर्देश दिए तो यह कार्रवाई याद आई। इसके आदेश एक साल पहले हो गए थे। आईजी ए सतीश गणेश ने लिखापढ़ी की, तब यह संपत्ति जब्त की गई।
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मनोज गोयल की कमला नगर में दुकान पर संपत्ति जब्त का नोटिस लगाने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस वाले बच गए कार्रवाई से
तेल चोरी के इस मामले में मथुरा में उस समय तैनात दो इंस्पेक्टर, दो दरोगा और चार सिपाही की भूमिका संदिग्ध मिली थी। ये लोग तेल माफिया से फोन पर बात करते थे। इनकी कॉल डिटेल से इसका पता चला था। इस मामले की जांच भी कराई गई थी। इसके बाद इनका सिर्फ तबादला किया गया।

मथुरा में गैंगस्टर, आगरा में हिस्ट्रीशीटर 
मनोज गोयल पर मथुरा में गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज हुआ। इसके बाद आगरा पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली। उस पर हरीपर्वत थाना में आबकारी एक्ट और जानलेवा हमले का केस दर्ज है। नेहरू नगर स्थित उसकी कोठी में पुलिस ने तलाशी ली तो बगैर अनुमति लाई गई विदेशी मदिरा मिली थी।

सारा की मौत के मामले में भी लगे थे आरोप
मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में जेल में बंद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्रवधू सारा की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में भी मनोज गोयल पर आरोप लगे थे। सारा की मौत फिरोजाबाद में नौ जुलाई, 2015 को हुई थी। उसका पति अमनमणि त्रिपाठी और वह कार से जा रहे थे।

अमनमणि ने बताया कि सारा की मौत कार हादसे में हुई जबकि पुलिस ने इस पर हैरानी जताई थी कि यह कैसा हादसा है जिसमें अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई। तब सारा की मां सीमा सिंह ने आरोप लगाया था कि मामला हत्या का है, इसे हादसा दर्शाने में अमनमणि का दोस्त मनोज गोयल भी मदद कर रहा है।
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