वहीं, कान्हा की क्रीड़ा भूमि श्रीधाम वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर कोई अपने आराध्य श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को पहले से भी भव्य रूप देने को आतुर है। बाजारों में भी श्रीकृष्ण के पूजन शृंगार से लेकर उनके खान-पान तक की सामग्री से भर गए हैं। मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
सप्तदेवालयों में एक राधा दामोदर मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। मंदिर सेवायत कृष्ण गोस्वामी के अनुसार तीन सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर राधादोमादर मंदिर में भगवान राधादामोदर सहित श्रीगिरिराज शिला का दूध, दही, शर्करा, शहद, पंचमेवा, यमुनाजल आदि से निर्मित पंचामृत से दुग्धाभिषेक होगा।
यह आयोजन प्रात: 9:30 बजे से प्रारंभ होकर मध्याह्न 12 बजे तक जारी रहेगा। वहीं बालक कन्हैया को रिझाने के लिए मंदिर परिसर में विभिन्न कार्यक्रम भी होंगे। अगले दिन चार सितंबर को सुबह 9:30 बजे से दधिकांधा (नंदोत्सव) का आयोजन होगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा में चौकसी बढ़ा दी गई है। मथुरा और वृंदावन को 16 सेक्टर में बांटा गया है। जन्मस्थान को ही सुरक्षा के लिहाज से सात सेक्टर में बांटकर ड्यूटियां लगाई गई हैं। सभी मंदिरों पर एक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी की तैनाती की जा रही है।
मथुरा में जन्माष्टमी तीन सितंबर को मनाई जाएगी। भगवान के जन्म की लीला देखने के लिए लोगों का आना एक सितंबर से शुरू हो जाता है। देश भर से लोग पहुंचते हैं। प्रशासन ने भी उसी तरह से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रमुख मंदिरों पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी
मथुरा के साथ गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल और महावन में प्रमुख मंदिरों पर मजिस्ट्रेट लगाए जा रहे हैं। जन्मस्थान के रेड जोन को सात सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर पर पुलिस रहेगी। मंदिरों के आसपास भारी पुलिस लगाई जा रही है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। संदिग्ध आवाजाही वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। दो सितंबर से चार सितंबर तक ड्यूटियां लगाई जा रही हैं। भीड़ बढ़ने पर कई मार्गों पर भारी वाहनों को भी रोका जा सकता है। वृंदावन में भी ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा।