श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के लिए 22 मार्च की तारीख अहम होगी। समिति अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत से मांग की थी कि शाही मस्जिद ईदगाह पर रिसीवर तैनात किया जाए। दावे के प्रतिवादीगण मस्जिद के पदाधिकारियों द्वारा मस्जिद से साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते स्टे किया जाए। साथ ही मस्जिद का आर्किलॉजिकल सर्वे कराया जाए और अमीन कमीशन के माध्यम से मौके की रिपोर्ट मंगाई जाए। इन सभी बिंदुओं पर अदालत आगामी 22 मार्च को सुनवाई करेगी। मंगलवार को अदालत ने रिसीवर नियुक्ति की मांग पर भी 22 मार्च की तारीख तय की है।
शाही मस्जिद पर किया है ये दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के द्वारा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। समिति ने अदालत में केस दाखिल करने के बाद से ही एक के बाद एक प्रार्थनापत्र अदालत में दिए हैं। इसमें समिति अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत से मांग की कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ की जिस जमीन पर उनके द्वारा दावा किया जा रहा है, उस पर शाही ईदगाह मस्जिद है।
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सिविल जज ने सभी प्रार्थनापत्रों पर दी तारीख
इसे मुस्लिम आक्रांताओं ने मंदिर तोड़कर बनवाया था। इस दौरान उनके द्वारा मंदिर की पच्चीकारी युक्त पत्थरों को मस्जिद में लगाया गया। अब इन पत्थरों को बदला जा रहा है, जो कि केस के साक्ष्य हैं। समिति अध्यक्ष ने बताया कि केस के प्रतिवादीगण मस्जिद पदाधिकारियों द्वारा बड़े स्तर पर मंदिर के मस्जिद में लगे पत्थरों को हटाया जा सकता है। इसके मद्देनजर उन्होंने मस्जिद में इस पहलू पर नजर रखने के लिए रिसीवर की मांग की। सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनोदिया की अदालत द्वारा सभी प्रार्थनापत्रों पर 22 मार्च को सुनवाई की जाएगी।