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खेल उम्मीदों का बजट: छात्रवृत्ति, संसाधन और टैक्स पर टिकी खेल जगत की निगाहें

Sun, 01 Feb 2026 02:55 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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रतन सिंह भदौरिया, सिम्मी कपूर, रमा पाल, एथलीट
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आगरा। केंद्रीय बजट से जिले के खेल प्रेमियों को काफी उम्मीदें हैं। खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल सामग्री विक्रेता और इससे जुड़े लोग मानते हैं कि बजट में खेलों को ठोस प्राथमिकता देने से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को मजबूती मिलेगी। छोटे शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर सामने आएंगे।
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संसाधन बढ़ाने की जरूरत

- संसाधनों की कमी सीधे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करती है। अच्छे उपकरण हों तो खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर सकते हैं। बजट में ग्राउंड सुविधाओं के लिए अलग प्रावधान होना चाहिए। - रमा पाल, एथलीट


जीएसटी में हो कमी
खेल उपकरणों पर ज्यादा जीएसटी से सामान महंगा हो जाता है। जीएसटी में और कमी होगी तो खेलों की सामग्री सस्ती होगी। ज्यादा खिलाड़ी बेहतर किट खरीद सकेंगे और ज्यादा बच्चे खेलों से जुड़ेंगे। - सिम्मी कपूर, खेल सामग्री विक्रेता
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सरकार खेल को निवेश माने


सरकार को खेल को खर्च नहीं, निवेश मानना चाहिए। खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, रोजगार और देश की अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़ा क्षेत्र है। यदि बजट में खेलों को दीर्घकालिक नीति के तहत बढ़ावा दिया गया, तो इसका असर आने वाले वर्षों में साफ दिखाई देगा। - रतन सिंह भदौरिया, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता एथलीट
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रतन सिंह भदौरिया, सिम्मी कपूर, रमा पाल, एथलीट

रतन सिंह भदौरिया, सिम्मी कपूर, रमा पाल, एथलीट

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