आगरा-दिल्ली हाईवे को सिक्स लेन करने का प्रोजेक्ट शुरू हुए लगभग छह माह हो चुके हैं, लेकिन शहर में न तो बढ़ी हुई रोड दिखाई दे रही है और न ही फ्लाईओवर का काम शुरू होता नजर आ रहा है। उदासीनता का आलम यह है कि अब तक हाईवे पर रोड डायवर्जन के लिए भी विकल्प नहीं तलाशा गया है।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की संस्तुति पर गुरुवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक की। सिक्स लेन प्रोजेक्ट की प्रगति के नाम पर एनएचएआई अधिकारियों के पास संतोषजनक जवाब नहीं था। इस पर डा. कठेरिया ने नाराजगी व्यक्त की। केंद्रीय राज्यमंत्री ने जब खंदारी चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि मंदिर और मजार के चलते वहां काम शुरू नहीं हो पा रहा। इस पर कठेरिया ने कहा कि इसके लिए वह प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे न रहें। खुद ही पहल करके इसका समाधान निकालें। उन्होंने खंदारी, सुल्तागंज की पुलिया और वाटर वर्क्स पर प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। हाईवे पर काम के दौरान रोड डायवर्जन के लिए वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी योजना तैयार न करने पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
बता दें, सिक्स लेन का प्रस्ताव पिछले साल सितंबर में शुरू हुआ था, तभी से इस पर कवायद चल रही है। पिछले महीने डा. कठेरिया के आवास पर एनएचएआई अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी इन्हीं सब समस्याओं पर चर्चा हुई थी। इस एक महीने में भी अधिकारी किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकाल पाए। बैठक में एनएचएआई के आरओ खुशवंत सिंह, परियोजना अधिकारी एसपी सिंह, पीसी गुप्ता, एके वर्मा, आगरा डेवलेपमेंट फाउंडेशन के संयुक्त सचिव राकेश गर्ग आदि मौजूद थे।
जलेसर से बरेली तक हाईवे का प्रस्ताव
बैठक के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों के समक्ष जलेसर से बरेली तक हाईवे बनाने की भी सिफारिश की। इस पर अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इसके लिए पहले राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। राज्य सरकार इस प्रस्ताव को एनएचएआई के पास भेजेगी। इस प्रस्ताव के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कमिश्नर को पत्र लिखा है।
केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ेगी
एनएचएआई अधिकारियों के साथ बैठक से पहले केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने केंद्रीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। उन्होंने प्रधानाचार्यों से शहर में और केंद्रीय विद्यालय खोले जाने को लेकर सुझाव और प्रस्ताव मांगे हैं।