रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सप्रेस वे पर 19 सीसीटीवी लगे हैं। जिसमें से छह काम नहीं कर रहे हैं। जबकि आधे स्पीड कैमरा खराब पड़े हैं। ऐसे में गति पर नियंत्रण कैसे रखा जा सकेगा। लगभग हर एक किलोमीटर पर ये बॉक्स लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर लगे 164 एसओएस बॉक्स में से कोई काम नहीं कर रहा है।
एक्सप्रेस वे पर चलने से पहले वाहनों में नाइट्रोजन गैस भरने की सलाह दी जाती है। एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा तीन जगह देने का दावा किया जाता रहा है। लेकिन सत्यापन रिपोर्ट में तीनों जगह यह सुविधा नहीं मिली। एक्सप्रेस वे पर वाहनों की पहचान के लिए 25 व्हीकल आइडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाई गई हैं इनमें से नौ काम नहीं कर रही हैं। एक्सप्रेस वे पर केमिस्ट शॉप व एटीएम खुलने थे, लेकिन दोनों सुविधाएं नहीं शुरू हो पाई हैं।
एक्सप्रेसवे पर ये सुविधाएं मिलीं दुरुस्त
एक्सप्रेसवे पर कई सुविधाएं ठीक मिली हैं। एक्सप्रेस वे पर पेट्रोलिंग के लिए 11 व्हीकल लगाए गए हैं। सब दुरुस्त पाए गए हैं। इसी तरह क्यूआरटीए क्रेनए मौसम चेतावनी बोर्ड, एंबुलेंस, स्पीड गन आदि दुरुस्त पाए गए हैं।
यमुना एक्सप्रेस वे पर दी जा रही सुविधाओं का सत्यापन कराया गया। इसमें बहुत सारी सुविधाएं दुरुस्त नहीं है। एक्सप्रेस वे प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए सभी सुविधाओं को एक महीने में दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। एक महीने बाद फिर सत्यापन कराया जाएगा। - डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण