पर्यावरण सहेजने की मिसाल बन गए हैं बैंकर चंद्रशेखर शर्मा। शाहगंज के ग्रीन हाउस घर में उन्होंने शौक के लिए घर में 1000 से ज्यादा पौधे लगाए। मगर, जब बाहरी दीवारों पर वर्टिकल गार्डन बनाया तो घर का तापमान अन्य के मुकाबले 5 से 6 डिग्री तक कम हो गया।
वर्टिकल गार्डन की इस विद्या को उन्होंने सैकड़ों घरों तक पहुंचाया है, जिस वजह से उन्हें ग्रीन मैन का नाम दिया गया है। भोगीपुरा में उनके घर का नाम ग्रीन हाउस है। गेट से ही हरियाली दिखती है जो घर के अंदर हर जगह मौजूद है।
स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त बैंककर्मी चंद्रशेखर शर्मा ने घर की बाहरी दीवारों पर बोगनबिलिया, चंपा, मधु मालती, चमेली, बेला और कनेर के पौधे लगाए हैं। कई जगह करेले, सेम और तोरई की बेल हैं, जो फूलदार कील की मदद से दीवार पर चढ़ाई है। हर दीवार पर अलग रंग की बेल है, जो घर को अनूठा बनाती है। अप्रैल से जून तक की गर्मी में घर गर्म नहीं होता। छत पर पौधों की भरमार है। आंगन की चारों दीवारों पर बेल के साथ नींबू, किन्नू, नारंगी लगाए हैं। वह हर दिन दो से तीन घंटे पौधों को समय देते हैं।
चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि वर्ष 1993 में लगी पुष्प प्रदर्शनी से यह सिलसिला शुरू हुआ। पांच साल पहले उन्हें ग्रीन मैन की उपाधि मिली। कई विदेशी पर्यटक उनका घर देखने आए और वर्टिकल गार्डन की तकनीक समझी।