कासगंज। पंचायत सहायक की नौकरी से युवाओं का महज तीन साल में ही मोह भंग हो रहा है। जिले की 23 ग्राम पंचायतें बिना पंचायत सहायक के चल रही हैं। इससे ग्राम पंचायतों का काम तो अटक ही रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों को भी समस्याओं के निदान के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिले में 423 ग्राम पंचायतें संचालित हैं। पंचायतों में मिनी सचिवालय बनाकर वहां कंप्यूटर सिस्टम की स्थापना करके सभी कार्य किया जा सके इसके लिए वर्ष 2021 में पंचायत सहायक की नौकरी निकाली। पहले पंचायत सहायक के जिम्मे गांव में होने वाले विकास कार्य का लेखा जोखा रखने व डाटा एंट्री का कार्य करने का जिम्मा सौंपा गया। इसके बाद शासन ने ग्राम पंचायतों में जन सेवा केंद्र की व्यवस्था भी लागू कर दी। इन केंद्रों का संचालन भी पंचायत सहायक के जिम्मे डाल दिया। छह हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी से अब उनका मोह भंग होने लगा है। पंचायत सहायक अपने पद से त्यागपत्र देने लगे हैं। जिले में 19 पंचायत सहायकों ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। इससे कई माह से इन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि चार ग्राम पंचायत तो ऐसी हैं जिनमें विभाग अभी तक पंचायत सहायक को तैनात नहीं कर सका है।
प्रभावित हैं ये कार्य
- कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग करना
- विकास कार्यों का डाटा संग्रहित करना
- भुगतान करना
- पेंशन के फार्म ऑनलाइन भेजना
- जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
ये पंचायतें हैं खाली
नौगांव, कासिमपुर मिहारी, गेंदूपुरा गोवर्धन, भडे़री, कादरगंज खाम, नौलीफतुआबाद, बंगस नगर, अलीपुरदादर, महावर, हिम्मतपुर सई, मजराजात पटियाली, चांडी, पिलखुनी, मदनपुर, मगथरा, लोगपुर, लहरबरकुला, हरसैना, मोहिनी मामूरगंज, भरसौली जंगल, समसपुर डेंगरी, वीनपुर सेवका, दीपपुर
वर्जन
ग्राम पंचायत सहायक के जो पद रिक्त चल रहे है उनको भरने के लिए जल्द ही प्रक्रिया को शुरू कराकर आवेदन मांगे जाएंगे- देवेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी