आगरा में स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) सर्वजीत कुमार सिंह ने थाना बाह के 12 साल की बालिका के अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के मामले में आरोपी विनोद कुमार को दोषी पाया। उसे 14 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस मामले में तीन मई 2016 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना 30 अप्रैल 2016 की है। थाना बाह क्षेत्र की रहने वाली 12 साल की कक्षा छह की छात्रा स्कूल से अंकतालिका लेने गई थी। मगर, वापस नहीं आई। इस पर परिजनों ने तलाश की। मगर, उसका पता नहीं चल सका। इस संबंध में थाना बाह में तीन मई को मुकदमा दर्ज किया। पुलिस टीम ने भी उसकी तलाश की।
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किशोरी चार जुलाई 2016 को बरामद हुई। उसका मेडिकल कराया गया। इसमें किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस पर केस में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की वृद्धि की गई। पुलिस की विवेचना में अभियुक्त विनोद कुमार निवासी रफीपुर, मिरहची, एटा का नाम प्रकाश में आया। आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया। इस केस में 31 अगस्त 2016 को कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके बाद पुलिस ने सतत पैरवी की।
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एडीजीसी नाहर सिंह ने कोर्ट में पीड़िता सहित 11 गवाह और सुबूत पेश करते हुए दलील दी कि आरोपी ने 12 साल की बालिका का बहलाफुसलाकर अपहरण किया, इसके बाद दुष्कर्म किया। कोर्ट ने अभियुक्त विनोद कुमार को दोषी पाते हुए 14 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एसएसपी बबलू कुमार ने बाह पुलिस को उचित पैरवी के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की है।