आगरा में सरकार की गलत नीतियां, प्राथमिक विद्यालय बंद करने, मंदिर और धार्मिक मेलों पर अनाप-शनाप खर्च के मुद्दे पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए निकले सपाइयों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। हंगामे, नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच सपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिस ने सपाइयों से पुतला छीन लिया।
समाजवादी मजदूर सभा के आह्वान पर सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार को सोहल्ला क्षेत्र में एकत्र हुए। राज्यपाल के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन लेकर कलेक्ट्रेट की तरफ जैसे ही सपाइयों ने कूच किया। पुलिस फोर्स पहुंच गया। रास्ते में ही सपाइयों को रोक लिया।
इस बीच सपाइयों की पुलिसकर्मियों से नोक-झोंक हुई। पुलिस ने सपाइयों के हाथों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। प्रदेश सचिव ममता टपलू ने कहा कि भाजपा की सरकार पुलिस के बल पर विपक्ष की आवाज को कुचलने का काम कर रही है। प्रदर्शन में सपा मजदूर सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष नीटू यादव, पूर्व पार्षद रामनरेश, रवि मेहरा, मनोज माहौर, हरीबाबू, सुशील फौजी, मोहित ठाकुर आदि मौजूद रहे।
ये हैं पांच सूत्रीय मांग
- मनरेगा मजदूरों को साल में 300 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिले।
- श्रम पोर्टल को तत्काल खोल दिया जाए, लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले।
- पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं, श्रमिक हित में नई श्रम संहिता समाप्त हो।
- प्रदेश में पांच हजार प्राथमिक विद्यालयों को मर्जर के नाम पर बंद होने से रोका जाए।
- दलित व अल्पसंख्यकों का पुलिस उत्पीड़न बंद हो, पुलिस की निरंकुशता रोकी जाए।