सड़कों के गड्ढों, खुले नालों और जलभराव से हो रही मौतों के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने संजय प्लेस से नगर निगम तक जुलूस निकाला। पार्टी ने आगरा को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने, स्मार्ट सिटी के 1100 करोड़ रुपये की जांच और मृतकों के परिजनों को मुआवजे की मांग की।
गड्ढों में तब्दील सड़कें, खुले नाले, जरा सी बारिश में जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं के कारण जा रही जानों के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने संजय प्लेस से नगर निगम तक जुलूस निकाला। उन्होंने नगर आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने किया। उन्होंने आगरा स्मार्ट सिटी योजना पर खर्च हुए 1100 करोड़ रुपये की उच्चस्तरीय और खुली जांच की मांग की। आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण पिछले दो महीनों में खुले नालों में गिरने से चार और गड्ढे में एंबुलेंस फंसने से एक अजन्मे बच्चे की जान चली गई। सपा ने शहर को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की। पार्टी ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग के साथ जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
ज्ञापन में सीवर ओवरफ्लो, दूषित पेयजल आपूर्ति, ध्वस्त सफाई व्यवस्था और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें भी मुख्य मुद्दे थे। इसके साथ ही नियमित फॉगिंग कराने, नगर निगम के प्राथमिक विद्यालयों की दशा सुधारने, जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाने की मांग भी रखी गई। प्रदर्शन में सपा प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी, अमित सिंह, सुलेखा श्रीवास्तव, प्रियंका चौहान, राहुल चौधरी और सोमेश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।