उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईकोर्ट बेंच का मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ होने का मुद्दा उठाया। कहा कि अधिवक्ता लंबे समय से खंडपीठ की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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सुमन ने कहा 1866 से 1868 तक नॉर्थ वेस्ट प्रोविंस में हाईकोर्ट आगरा में स्थापित था। तत्पश्चात इसे इलाहाबाद स्थानांतरित कर दिया गया। 1956 में ऑल इंडिया हाईकोर्ट लॉयर्स की बैठक हुई, जिसमें आगरा में पुन हाईकोर्ट स्थापित करने की मांग उठाई गई। 1966 में हाईकोर्ट की 100वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिसमें तीन सप्ताह इलाहाबाद एवं एक सप्ताह आगरा में विभिन्न कार्यक्रम हुए।
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1981 में आगरा बार काउंसिल के आग्रह पर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित किए जाने की मांग उठी। केंद्र सरकार ने जसवंत सिंह आयोग का गठन किया। आयोग ने मद्रास हाईकोर्ट की बेंच मदुरई एवं मुंबई हाईकोर्ट की बेंच औरंगाबाद में स्थापित करने की संस्तुति सहित अपनी रिपोर्ट सरकार को दी।
सांसद ने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में पांच करोड़ से अधिक मुकदमे विचाराधीन हैं। न्यायाधीश एवं न्यायालयों की बेहद कमी है। सस्ता एवं सुलभ न्याय कहीं भी दिखाई नहीं देता। इलाहाबाद हाईकोर्ट में वादों का अत्यधिक दबाव है इसलिए आवश्यक है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच आगरा में स्थापित हो।
अधिवक्ता बोले-आगरा का हक है हाईकोर्ट की खंडपीठ
आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना का मुद्दा उठाए जाने से अधिवक्ताओं में हर्ष है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर वकील लंबे समय से संघर्षरत हैं। ऐसे में आगरा के नुमाइंदे ने पहली बार उच्च सदन में मामला उठाकर आगरा की आवाज को बुलंद किया है।
जनमंच की बैठक में राज्यसभा सांसद सुमन का धन्यवाद दिया गया। संयोजक अजय चौधरी ने बताया कि खंडपीठ के मुद्दे पर बुधवार को दोपहर 1:30 बजे सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं की बैठक होगी, जिसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में हरिदत्त शर्मा, नवल सिंह, हदेश कुमार यादव, हरिओम दीक्षित, उमेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।
यूनाइटेड बार एसोसिएशन के सचिव अनूप कुमार शर्मा ने सांसद सुमन के कदम की सराहना की। कहा कि 50 साल से अधिवक्ता आंदोलन कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गविजय सिंह भैया का कहना है कि राजनीतिक लाभ के लिए आगरा के नुमाइंदों ने कभी इस मुद्दे को सदन में उठाने की जरूरत नहीं समझी। मुकदमों को देखते हुए खंडपीठ की स्थापना आगरा मंडल के किसी भी जिले में कर देनी चाहिए।
युवा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं की आवाज को सदन में उठाने के लिए सांसद सुमन के प्रयास सराहनीय हैं। खंडपीठ की मांग जायज है और यह आगरा का हक भी है।