सपा नेताओं की अपील खारिज
जिस पर पेट्रोलियम कंपनी का दावा सही मानते हुए जमीन का कब्जा उन्हें दिलाने का आदेश न्यायालय ने 27 फरवरी 2020 को दिया। इसमें पेट्रोलियम कंपनी ने 2013 से नुकसान के मुआवजे के तौर पर 22 लाख रुपये प्रति साल और सात प्रतिशत ब्याज भी मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकृत किया। इस आदेश के खिलाफ सपा नेता ने जिला जज न्यायालय में अपील दायर की। पूरी सुनवाई के बाद बुधवार को जिला जज संदीप जैन ने आदेश जारी करते हुए सपा नेताओं की अपील को खारिज करते हुए 27 फरवरी 2020 के आदेश को सही ठहराया।
कब्जा मिलने तक जारी रहेगी क्षतिपूर्ति
कंपनी के अधिकारियों ने 22 लाख रुपये प्रति वर्ष की क्षतिपूर्ति मांगी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया। यह क्षतिपूर्ति कंपनी को इस जमीन का कब्जा मिलने तक जारी रहेगी। 2013 से अब तक 10 साल हो चुके हैं। इस तरह बिना ब्याज के ही 2.20 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की राशि बन रही है।