एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता।
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आगरा के कुबेरपुर खंदौली टोल प्लाजा पर आलू किसानों के विवाद के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी ने किसानों पर दर्ज प्राथमिकी वापस न लेने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल ने मंगलवार को बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।
बैठक में पुलिस आयुक्त से तीन दिन में दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की गई। मांग न मानने पर खंदौली टोल प्लाजा पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। साथ ही टोल चौकी प्रभारी दरोगा को तत्काल निलंबित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दरोगा ने किसानों की रोजी-रोटी कुचली है। आलू किसानों का मुद्दा सड़क से संसद तक पहुंच गया है। मंगलवार को सपा सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन कर किसानों की समस्या उठाई।
सपा जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा ने भाजपा सरकार पर किसानों पर अत्याचार का आरोप लगाया। सिस्टम सुधार संगठन के अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर ने किसानों के लिए एमएसपी लागू करने की मांग की। इस दौरान वीरेंद्र सिंह चौहान, नितिन कोहली, राजपाल बाबा, मनोज शर्मा, सोमवीर यादव, अमित चौधरी, जेपी यादव और अमित सिंह आदि मौजूद रहे।
टोल प्लाजा पर बहस से शुरू हुआ विवाद
सोमवार को सपा नेता राकेश बघेल ने आलू किसानों की समस्याओं को लेकर खंदौली टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनकी वहां तैनात चौकी प्रभारी दरोगा से तीखी बहस हो गई थी। इसके बाद मामला और गरमा गया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा था।
चार आरोपियों को मिली जमानत
मंगलवार दोपहर एसीपी न्यायालय एत्मादपुर से सपा नेता राकेश बघेल समेत 11 नामजद आरोपियों में से चार अन्य युवकों को जमानत मिल गई। इनमें गोपाल शर्मा, ध्रुव शर्मा, अंशुल शर्मा और रोहित कश्यप शामिल हैं।