हालांकि, कांग्रेस और रालोद के गठबंधन से तुलना करें तो अब का महागठबंधन ज्यादा मजबूत नजर आता है। एटा और अलीगढ़ में लोधी समाज के वोट भी अहम हैं। फिरोजाबाद से पूर्व मंत्री चौधरी बशीर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। भाजपा की इस पर भी नजर है। आगरा और फिरोजाबाद में मुस्लिम वोटर काफी संख्या में हैं।
| सीट |
2014 |
2009 |
| आगरा |
भाजपा |
भाजपा |
| फतेहपुर सीकरी |
भाजपा |
बसपा |
| फिरोजाबाद |
सपा |
कांग्रेस |
| मैनपुरी |
सपा |
सपा |
| मथुरा |
भाजपा |
रालोद |
| अलीगढ़ |
भाजपा |
बसपा |
| हाथरस |
भाजपा |
रालोद |
| एटा |
भाजपा |
निर्दलीय |
सपा संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 16वीं लोकसभा के अंतिम दिन संसद में नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की कामना करने का जो बयान दिया, उसे भाजपा कैश करने की कोशिश करेगी। ब्रज क्षेत्र में यादव और मुस्लिम वोटरों पर मुलायम का अच्छा प्रभाव माना जाता है।
शिवपाल की प्रसपा से भी करना होगा मुकाबला
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने एलान कर दिया है कि वह फिरोजाबाद से चुनाव लडे़ंगे। उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है। यादव वोटरों में शिवपाल का भी अच्छा प्रभाव माना जाता है। देखना यह है कि चाचा की रणनीति का मुकाबला करने के लिए अखिलेश यादव क्या चाल चलते हैं?
कांग्रेस से भी उतरेंगे दमदार प्रत्याशी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर फतेहपुर सीकरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह आगरा और फिरोजाबाद से सांसद रह चुके हैं। फिरोजाबाद में तो उन्होंने 2009 में सपा के किले पर कांग्रेस का परचम लहराया था।
इससे पहले आगरा से सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। मथुरा समेत कई सीटों से कांग्रेस बड़े नेताओं को मैदान में उतार सकती है। ऐसे में भाजपा यही उम्मीद लगाएगी कि किसी भी तरह मुकाबला त्रिकोणीय हो जाए।