फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां सपा-बसपा गठबंधन के समीकरण मजबूत, चुनौतियां कम नहीं, 'अपनों' से होगी चुनावी जंग

Fri, 22 Feb 2019 02:57 PM IST
Priyesh Mishra चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
महागठबंधन में ब्रज की आठ सीटों में से चार पर सपा, तीन पर बसपा और एक पर रालोद के उम्मीदवार उतरेंगे। अगर समीकरण देखें तो महागठबंधन मजबूत नजर आ रहा है। इस क्षेत्र में सपा के परंपरागत वोटर यादव, बसपा के अनुसूचित जाति और रालोद के जाट वोटर बड़ी संख्या में हैं।
विज्ञापन


पिछले चुनावों में सपा, बसपा, रालोद को मिले वोटों को जोड़ा जाए, तो ज्यादातर सीटों पर भाजपा के लिए परेशानी नजर आती है। हालांकि, महागठबंधन की राह में चुनौतियां भी कम नहीं हैं, वहीं सपा को फिरोजाबाद सीट पर अपनों से भी लड़ना होगा, क्योंकि शिवपाल यादव चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। 

2017 के विधानसभा चुनाव में देखा गया है कि सपा, रालोद, बसपा के परंपरागत वोटरों में भाजपा ने अच्छी खासी सेंधमारी की। इसी का नतीजा रहा कि आगरा की नौ में से नौ विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में चली गईं। फिरोजाबाद, मैनपुरी जैसे सपा के गढ़ में भी कमल खूब खिला, जबकि कांग्रेस और सपा साथ-साथ थे। उस समय अखिलेश और शिवपाल के बीच घमासान चल रहा था।
विज्ञापन

कौन कितने पानी में

हालांकि, कांग्रेस और रालोद के गठबंधन से तुलना करें तो अब का महागठबंधन ज्यादा मजबूत नजर आता है। एटा और अलीगढ़ में लोधी समाज के वोट भी अहम हैं। फिरोजाबाद से पूर्व मंत्री चौधरी बशीर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। भाजपा की इस पर भी नजर है। आगरा और फिरोजाबाद में मुस्लिम वोटर काफी संख्या में हैं। 
 
सीट  2014 2009
आगरा   भाजपा भाजपा
फतेहपुर सीकरी  भाजपा बसपा
फिरोजाबाद सपा कांग्रेस
मैनपुरी सपा   सपा
मथुरा भाजपा रालोद
अलीगढ़ भाजपा बसपा
हाथरस भाजपा   रालोद
एटा भाजपा निर्दलीय
विज्ञापन

मुलायम के बयान को कैश करेगी भाजपा

सपा संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 16वीं लोकसभा के अंतिम दिन संसद में नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की कामना करने का जो बयान दिया, उसे भाजपा कैश करने की कोशिश करेगी। ब्रज क्षेत्र में यादव और मुस्लिम वोटरों पर मुलायम का अच्छा प्रभाव माना जाता है। 

शिवपाल की प्रसपा से भी करना होगा मुकाबला

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने एलान कर दिया है कि वह फिरोजाबाद से चुनाव लडे़ंगे। उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है। यादव वोटरों में शिवपाल का भी अच्छा प्रभाव माना जाता है। देखना यह है कि चाचा की रणनीति का मुकाबला करने के लिए अखिलेश यादव क्या चाल चलते हैं? 

कांग्रेस से भी उतरेंगे दमदार प्रत्याशी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर फतेहपुर सीकरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह आगरा और फिरोजाबाद से सांसद रह  चुके हैं। फिरोजाबाद में तो उन्होंने 2009 में सपा के किले पर कांग्रेस का परचम लहराया था। 

इससे पहले आगरा से सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। मथुरा समेत कई सीटों से कांग्रेस बड़े नेताओं को मैदान में उतार सकती है। ऐसे में भाजपा यही उम्मीद लगाएगी कि किसी भी तरह मुकाबला त्रिकोणीय हो जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें