एटा के जलेसर के मोहल्ला गोलाकुंआ निवासी एक युवक ने अपने पिता की हत्या का मुकदमा तीन माह पूर्व दर्ज कराया था। इस मामले में हत्यारोपी फैसले का दबाव बना रहे थे। समझौता नहीं करने पर मुकदमा वादी और पुत्र को मार डाला गया। दादी ने आरोप लगाया है कि हत्या करने के बाद शव फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। पूर्व हत्या के मामले में एक सप्ताह पहले ही चार लोगों को जेल भेजा गया था।
मोहल्ला गोलाकुंआ निवासी अंकित कुमार (20) पुत्र अविनाश कुमार की बृहस्पतिवार की रात गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। दादी कपूरी देवी का आरोप है कि पुत्र अविनाश कुमार की 20 मार्च 2021 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले का मुकदमा अंकित ने मोहल्ले के ही गजेंद्र, प्रेमचंद्र, चीकुआ उर्फ सौरभ, सनी, राहुल, कुलदीप, सोनू और हृदेश के खिलाफ दर्ज कराया था। तभी से हत्यारोपी रंजिश मानने लगे थे और मामले में समझौता करने का दवाब बना रहे थे। जब समझौता नहीं किया तो अंकित की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को मोहल्ले में ही पुराने मकान में फांसी के फंदे पर लटका दिया, जबकि पैर जमीन पर टिके हुए थे।
ननिहाल से लौटा था युवक
कपूरी देवी का कहना है कि नाती अंकित बृहस्पतिवार को ही ननिहाल से लौटा था। इसके बाद किसी को फोन आया तो थोड़े समय में वापस आने की कहकर गया। इसके बाद नहीं लौटा तो तलाश किया गया और रात करीब 10 बजे खुद के पुराने मकान में शव रस्सी से लटका मिला। आरोप है कि पुत्र अविनाश के हत्यारोपियों ने ही नाती की हत्या की है।
ये हत्यारोपी हैं जेल में
मृतक अंकित के चाचा सतीश कुमार ने बताया कि भाई अविनाश की हत्या के मामले में वांछित चल रहे सौरभ उर्फ चीकुआ, सनी, सोनू और कुलदीप को जलेसर पुलिस ने 21 मई को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। जबकि गजेंद्र, प्रेमचंद्र, राहुल और हृदेश अभी भी फरार चल रहे हैं। हत्यारोपियों के जेल जाने के बाद से ही समझौता का अधिक दवाब बनाया गया था।
चल रही है पुरानी रंजिश
एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि पीड़ित परिवार की पुरानी रंजिश चल रही है। उनके द्वारा जो तहरीर दी गई है, उसकी विवेचना की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। पूर्व के मामले में एक सप्ताह पहले ही चार हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है, अन्य की तलाश की जा रही है। -,