कासगंज के सोरोंजी में दंपत्ति की हत्या की घटना के बाद पहुंचा डॉग स्क्वायड
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सोरोंजी(कासगंज)। सोरोंजी के लाल घाट में सास ससुर को मौत के घाट उतारने वाले दामाद ने फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह तमंचा लहराते हुए मौके से फरार हो गया। दामाद ने अपनी पत्नी को सुबह के समय वापस आने के लिए फोन किया। जब उसने इनकार कर दिया तो वह आगरा से बाइक से दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे अपनी ससुराल पहुंच गया। ससुराल पहुंचकर उसने अपने सास-ससुर से पत्नी को वापस भेजने के लिए कहा। उनके द्वारा उत्पीड़न किए जाने की बात कहकर साथ भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह आग बबूला हो उठा।
उसने अपनी अंटी से तमंचा निकाल कर पहले सास को गोली मारी, फिर ससुर को गोली मारी। ससुर को भागते देख वह भी उनके पीछे भागा और ससुराल के घर से लगभग 20 मीटर दूर उसने उनको दो गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर जब आसपास के लोग एकत्रित हुए तो उसने लोगों की ओर तमंचा तान दिया। जिससे किसी की आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद वह टहलता हुआ अपनी बाइक के पास पहुंचा और वहां से भाग गया। उसके भाग जाने के बाद लोग गोपाल के पास पहुंचे। इसके बाद उनके भाई को सूचना दी।
बेटा करता है दिल्ली में नौकरी
हत्या का शिकार हुए दंपती का इकलौता बेटा दीपक दिल्ली में नौकरी करता है। उनकी हत्या की सूचना उसको फोन पर दी। इसके बाद वह देर शाम तक अपने घर पहुंच सका। अपने माता-पिता का शव देखकर वह चीखने लगा।
फॉरेंसिक टीम पहुंची जांच को
दामाद के द्वारा दंपती की हत्या की घटना के बाद एसपी ने फॉरेंसिक टीम को बुला लिया। टीम ने घटना स्थल से फिंगर प्रिंटस लिए। वहीं आरोपी की तलाश के लिए डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया।
गाड़ी चलाकर परिवार का पेट पालता था गोपाल
मृतक गोपाल हरिपदी किनारे एक धर्मशाला के कमरे में रहता था, उसकी माली हालत अच्छी नहीं थी, गाड़ियों पर चालक बतौर काम कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बेटा दीपक जवान हुआ तो दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर पिता का सहारा बन गया। पुत्र के नौकरी पर लग जाने से गोपाल बहुत खुश था कि चलो अब उसके सहारे घर की स्थिति थोड़ी अच्छी हो जाएगी, लेकिन दामाद अमित ने सास ससुर की हत्या कर एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।