जीटी रोड किनारे स्थित सोमनाथ तालाब बदहाली का शिकार है। लोगों ने तालाब की जमीन पर कब्जा करके स्थायी और अस्थायी निर्माण कर लिए हैं। तालाब में गंदगी जमा हो चुकी है। नगर पंचायत ने कोई अभियान नहीं चलाया है।
सोमनाथ तालाब अतिक्रमण एवं गंदगी का शिकार है। लोगों ने सिंघाड़ा उत्पादन के लिए तालाब को कई भागों में बांट लिया है। पट्टे तक करा लिए हैं। लोग ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा कर सिंघाड़ा भरते हैं। जिससे तालाब के किनारे भी टूट गए हैं।
कहा जाता है कि प्राचीन समय में जब भोगांव सोमतीर्थ के नाम से प्रसिद्ध था। तब राजा भूमिपाल कोढ़ से पीडि़त होने पर यहां आया और सोमनाथ तालाब में स्नान किया। इससे उसका कुष्ठ ठीक हो गया।
यह भी कहा जाता है कि भोगांव पुराने समय में किराने के सामान की बहुत बड़ी मंडी थी। किराना व्यापारी अपना पुराना सामान इसी तालाब में ही डाल दिया करते थे। वर्षों इसी क्रम के चलने के कारण तालाब का जल रोगियों के लिए लाभप्रद सिद्ध होने लगा। प्राचीन समय में श्रद्धा का केंद्र रहा सोमनाथ तालाब उपेक्षा एवं उदासीनता से बदहाल हो रहा है।
पूर्व डीएम ने कराई थी सफाई
पूर्व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने दिसंबर 2020 में तालाब में गंदगी मिलने पर सफाई के निर्देश दिए थे। नगर पंचायत ने साफ सफाई भी कराई लेकिन कुछ दिन की साफ सफाई के बाद तालाब में एक बार फिर गंदगी जमा होने लगी। सफाई नहीं होने से जलमंजरी जमा हो गई है।
तालाब पर लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है। नगर पंचायत तालाब से कब्जा हटवाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। - धर्मेंद्र कुमार
सोमनाथ तालाब के चारों ओर अगर स्ट्रीट लाइट लगाकर अच्छा पर्यटन स्थल तो बनाया ही जा सकता है। नगर पंचायत को प्रयास करना चाहिए। - शिवशंकर वर्मा
सोमनाथ तालाब की पैमाइश कराकर कब्जे चिन्हित किए जाएंगे। कब्जा हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तालाब की साफ सफाई कराई जाएगी। - संध्या शर्मा, एसडीएम भोगांव