फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: जाने कितने दर्द छिपे हैं होठों की मुस्कानों में...

Thu, 29 Feb 2024 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी।
विज्ञापन

साहित्यकारों के सम्मान एवं स्मरण की श्रंखला में होली पब्लिक स्कूल में काव्य गोष्ठी हुई। अध्यक्षता राजेंद्र तिवारी जी ने संचालन विनोद माहेश्वरी ने किया। अनिल मान मिश्र ने-तुकबंदी कविता न होगी, सृजक में क्षमता न होगी। एसी तिवारी ने- जाने क्यों तुम रूठ गए हो काव्य पाठ किया।
शिवदत्त दुबे ने ढूंढ रहा बचपन का वो कल, लाड़-प्यार-फटकार का वो पल। वासुदेव मिश्र ने साधना सिद्ध प्रदायक है साधना मंगल दायक है। सत्येन्द्र पाठक ने पंथ चलते इस बटोही का सहारा सहचरी तुम, उफनते सागर की लहरों का किनारा सहचरी तुम। पुष्पेंद्र सिंह पुष्प ने जाने कितने दर्द छिपे हैं, होठों की मुस्कानों में। सच खोजो तो पता चले, दुख भरे हुए तहखानों में। नवाब सिंह राजपूत, गणेश चंद्र, ब्रह्मानंद श्रीवास, ईएम अनम ने भी काव्य पाठ किया। उर्मिला पांडेय, महिपाल सिंह सरल, बृजेंद्र सिंह सरल, विद्याराम केसरी, मनोज सक्सेना, प्रबोध भदौरिया, डॉ. संतोष दुबे, जय प्रकाश मिश्रा, उपेंद्र भोला, यश कुमार मिश्रा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन






शिशु यहां दुग्ध पान को तरसे...

करहल। किशनी रोड़ स्थित दौलतपुर भांती में बुधवार को कवि सम्मेलन हुआ। अध्यक्षता पदम सिंह पदम ने की। अरविंद योगी ने सरस्वती वंदना की। उन्होंने-शिशु यहां दुग्ध पान को तरसे, युवा तरसते रोटी को। वृद्ध तरसते हमने देखे बचा न पाए चोटी काव्य पाठ किया। देवेंद्र दीक्षित, हाकिम सिंह, महावीर सिंह, शिवप्रताप सिंह, रामनरेश यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें