डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में नकल विहीन के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन, इसकी पोल उस समय खुली जब एक खेत में उत्तर पुस्तिका लिखी पाईं गईं। मामला फिरोजाबाद जनपद के जसराना क्षेत्रांतर्गत मुहमम्मदपुर उतरारा का है। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीए तृतीय वर्ष समाजशास्त्र विषय की परीक्षा के दौरान एक खेत में उत्तर-पुस्तिकाएं लिखी जा रही थीं।
एक राहगीर ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला चर्चा में आने पर नजदीक के परीक्षा केंद्र से पता किया गया तो वहां के प्रबंधक ने किसी भी उत्तर पुस्तिका के परीक्षा केंद्र से बाहर जाने से इनकार किया। बताया गया है कि मंगलवार को सुबह की पाली में बीए तृतीय वर्ष की समाजशास्त्र की परीक्षा थी। चार युवक एक परीक्षा केंद्र से करीब पांच सौ मीटर दूर एक खेत में बैठ कर उत्तर-पुस्तिकाएं लिख रहे थे।
किसी राहगीर ने युवकों को खेत में बैठकर उत्तर-पुस्तिकाएं लिखते हुए देखा तो उसने वीडियो बनाया। इसमें एक युवक मोबाइल से बात करते हुए उत्तर-पुस्तिकाएं लिख रहा है। साथ ही साल्व पेपर से नकल करके उत्तर-पुस्तिकाएं खेत में लिख रहे थे। राहगीर के वीडियो बनाते देखकर उत्तर-पुस्तिकाएं लिख रहे युवक खड़े हो जाते हैं और मोबाइल को छीनने लगते हैं। साथ ही युवक कह रहे हैं, ‘दूर के नाए हैं, शाहजहांपुर गांव के हैं, हमाऔ कछू न बिगाड़ सकते।’