आगरा में आईएएस-पीसीएस कोचिंग के संचालन में गड़बड़ियां मिलने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी सोबरन सिंह यादव समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन अधिकारियों ने कोचिंग संचालन की जिम्मेदारी एक निजी संस्था को दे दी थी, जबकि नियमानुसार विभाग को ही इसका संचालन करना था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार की शाम शासन ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। अब इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति के गरीब छात्रों के लिए सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा देता है। वर्ष 2011-15 के बीच आगरा स्थित कोचिंग संस्थान के संचालन में गड़बड़ियों का मामला हाईकोर्ट में पहुंचा था। इस पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को पूरे मामले की जांच करवाने का आदेश दे दिया। जांच में पाया गया कि आगरा में वर्ष 2011-15 के बीच कोचिंग के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी संस्था को दे दी गई। इससे क्वालिटी पर खराब असर पड़ा और अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई।
इस पर आगरा की तत्कालीन उप निदेशक (डीडी) व वर्तमान में बांदा में तैनात सरोज प्रसाद और तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी व वर्तमान में कानपुर के उप निदेशक अचिंतमणि भारती को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा उस अवधि में आगरा में तैनात रहे जिला समाज कल्याण अधिकारी व वर्तमान में मेरठ में तैनात उमेश द्विवेदी, आगरा के जिला समाज कल्याण अधिकारी सोबरन सिंह यादव और कोचिंग संस्थान के इंचार्ज गौतम कुमार को भी निलंबित कर दिया गया। बता दें कि वर्तमान में गौतम कुमार हापुड़ स्थित कोचिंग सेंटर के इंचार्ज हैं।
दर्ज होगी एफआईआर : सीडीओ
कोचिंग संचालन में गड़बड़ी की शासन की जांच के बाद समाज कल्याण विभाग के पांच अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। शासन के निर्देश पर इनके खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी।-नगेंद्र प्रताप, सीडीओ